दुमका। काठीकुंड में 14 वर्षीय छात्रा के साथ हुई घटना के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने कड़ा रुख अपना लिया है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर एबीवीपी ने आयुक्त और महिला आयोग को ईमेल के जरिए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे छात्राओं की सुरक्षा के लिए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
नगर मंत्री गणेश मुर्मू ने संताल परगना क्षेत्र में आदिवासी छात्राओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा करती हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराने, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़िता के परिवार को तत्काल मुआवजा व पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।
विभाग संयोजक अभिषेक गुप्ता ने भी छात्राओं के साथ लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिला आयोग और संबंधित प्रशासन इस गंभीर मामले पर त्वरित संज्ञान लेगा और क्षेत्र में छात्राओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण का निर्माण करने के लिए विशेष प्रबंध करेगा।
एबीवीपी ने यह साफ कर दिया है कि आदिवासी छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस ज्ञापन को भेजने और न्याय की मांग बुलंद करने में विभाग संयोजक अभिषेक गुप्ता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमन शाह, प्रदीप तिवारी, अनुज कुमार और अभिनंदन कुमार सक्रिय रूप से शामिल रहे।
काठीकुंड की 14 वर्षीय छात्रा को न्याय दिलाने के लिए एबीवीपी ने खोला मोर्चा, महिला आयोग को भेजा ज्ञापन















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