नईदिल्ली। त्योहारों के इस सीजन में देश की आम जनता की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा और करारा झटका लगा है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में देश की थोक महंगाई दर उम्मीद से कहीं अधिक तेज होकर 11.4% के स्तर पर पहुंच गई है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि थोक बाजार में चीजें पिछले साल के मुकाबले काफी महंगी हो गई हैं। महंगाई के इस बड़े उछाल ने मध्यवर्गीय परिवारों के घर का बजट पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
सबसे ज्यादा लगी खाने-पीने की चीजों में आग
इस बार महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों के दामों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी है। आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य सूचकांक की महंगाई दर अगस्त के 7.05% से एक झटके के साथ बढ़कर सितंबर में 8.66% हो गई है। मंडियों में हरी सब्जियां, आलू, प्याज, दालें और खाद्य तेलों की कीमतें आसमान छू रही हैं। थोक बाजार में इन आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने का सीधा असर अब खुदरा बाजार पर भी दिखने लगा है, जहां आम लोग अपनी रोजमर्रा की रसोई की जरूरतें पूरी करने के लिए पहले से कहीं ज्यादा पैसे चुका रहे हैं।
क्यों आ रही है कीमतों में इतनी तेजी?
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के अंतिम दौर में देश के कई हिस्सों में हुई बेमौसम और भारी बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते मंडियों में सब्जियों और अनाज की आवक (सप्लाई) काफी घट गई है। इसके अलावा, त्योहारों के कारण बाजार में मांग तेजी से बढ़ी है। मांग और आपूर्ति के बीच इसी बड़े अंतर की वजह से थोक भावों में यह जोरदार उछाल दर्ज किया गया है।
त्योहारी सीजन में फीकी पड़ सकती है रौनक
अक्टूबर और नवंबर का महीना देश में दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों का होता है। ऐसे में बाजार में थोक महंगाई का डबल डिजिट (11.4%) में पहुंचना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। अगर थोक बाजार में कीमतें इसी तरह ऊंची रहीं, तो आने वाले दिनों में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान, और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा कीमतें भी और बढ़ जाएंगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि सरकार ने बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए जल्द ही कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो इस बार आम जनता के त्योहारों की रौनक काफी फीकी पड़ सकती है।















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