झाड़ग्राम। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में झाड़ग्राम की अदालत ने दो रजिस्ट्रियां रद्द करने का आदेश दिया है। मंगलवार और बुधवार को अलग-अलग मामलों की सुनवाई के बाद अदालत ने लक्ष्मण महतो और मनोज महतो से जुड़े जमीन के दस्तावेज निरस्त करने का निर्देश दिया। इस फैसले से जमीन गंवाने का आरोप लगाने वाले अन्य किसानों में भी न्याय की उम्मीद जगी है।
मामला झाड़ग्राम जिले के संकराइल ब्लॉक के पाथरा ग्राम पंचायत क्षेत्र का है, जहां करीब 125 किसानों की 400 एकड़ जमीन कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे लोगों के नाम दर्ज करा दी गई। बांकड़ा गांव के लक्ष्मण महतो के मामले में आरोप है कि उनके पिता की मृत्यु 36 वर्ष पहले हो चुकी थी, फिर भी 2025 में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नियुक्त अधिवक्ता गोपालबंधु आचार्य ने बताया कि अदालत ने आरोपितों को कई बार समन भेजा और समाचार पत्रों में भी सूचना प्रकाशित कराई, लेकिन कोई अदालत में पेश नहीं हुआ। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों रजिस्ट्रियां रद्द करने का आदेश दिया गया।
मामले में 16 सितंबर 2025 को तत्कालीन जिला रजिस्ट्रार ने संकराइल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया और मुख्य आरोपित समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी फिलहाल जेल में हैं। मामले की जांच सीआईडी कर रही है।
जमीन वापस पाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मदद से आठ किसानों ने अदालत में मुकदमे दायर किए थे। जुलाई में 121 और मामले अदालत पहुंचे। अब प्रभावित किसानों की नजरें लंबित मुकदमों पर टिकी हैं।
न्यायालय ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई रजिस्ट्री को रद्द करने के दिए आदेश















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