रांची। झारखंड में पिछले कुछ दिनों से चरमराई आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं अब सामान्य होने की राह पर हैं। राज्य में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के चालकों और मेडिकल टेक्नीशियनों की राज्यव्यापी हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। यह राहत भरा फैसला स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय सकारात्मक वार्ता के बाद लिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया। वार्ता के दौरान मुख्य रूप से दो प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है। आंदोलन के दौरान सेवा से निष्कासित या बर्खास्त किए गए सभी एम्बुलेंस चालकों और मेडिकल टेक्नीशियनों को तुरंत प्रभाव से काम पर वापस लिया जाएगा। और कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान 17 अक्टूबर 2026 तक सुनिश्चित करने का लिखित आश्वासन दिया गया है।
जनता को मिली बड़ी राहत
इस हड़ताल के कारण पूरे झारखंड में मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में समय पर एम्बुलेंस न मिलने से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई थी। कई गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों तक पहुंचाने में परिजनों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।
अब एम्बुलेंस कर्मियों के काम पर लौटने से राज्य के सभी जिलों में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से बहाल हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए विभाग एम्बुलेंस संचालन करने वाली एजेंसी और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल की लगातार निगरानी करेगा।















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