गम्हरिया। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गम्हरिया रेलवे स्टेशन के समीप मुरकुम पाखुर गोड़ा इलाके में कथित गौमांस बिक्री को लेकर उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब इसकी सूचना मिलने पर गौ रक्षक कार्यकर्ता रोनित गोराई, श्रवण गोराई और उनके समर्थक मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर जुट गए और कथित मांस बिक्री के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखर समाजसेवी एवं सरायकेला-खरसावां जिले में गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ता रोनित गोराई ने तत्काल गम्हरिया थाना को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और कथित मांस विक्रेता मुजाहिद अंसारी को अपने साथ थाने ले गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुजाहिद अंसारी का भाई अब्दुल सलाम भी इस मामले में शामिल होने की बात कही जा रही है, जो मौके पर भीड़ जुटने के बाद वहां से फरार हो गया। दोनों के सरायकेला-खरसावां जिले के बालीगुमा निवासी होने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान विक्रेता ने कथित तौर पर मांस बिक्री की बात स्वीकार की। हालांकि, मांस की प्रकृति और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुराने आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से गौ तस्करी और कथित अवैध मांस कारोबार की गतिविधियां जारी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में शिकायतें किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण गम्हरिया थाना पुलिस के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ी है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की गहन जांच, कथित कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान और संदिग्ध मोटरसाइकिल की जांच की मांग उठाई है। फिलहाल, मामले में पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।.
















Leave a Reply