रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने के पांच महीने बाद भी पोशाक, स्वेटर और जूता-मोजा के लिए मिलने वाली राशि का इंतजार है। दुर्गा पूजा बीत चुकी है और अब दीपावली व छठ का त्योहार नजदीक है। ऐसे में बच्चों और अभिभावकों को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान या उससे पहले सरकार की ओर से निर्धारित राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन ने बताया कि केंद्र सरकार से राशि का आवंटन हो चुका है। इसके बाद बच्चों को पोशाक और गर्म कपड़े उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कई जिलों के विद्यालयों में बच्चों को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है, जबकि कुछ जगहों पर वितरण भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि दीपावली के अंत तक सभी पात्र बच्चों के बैंक खातों में राशि भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ठंड से पहले स्वेटर और जूता-मोजा उपलब्ध कराना जरूरी
ठंड का मौसम नजदीक आने के साथ ही स्कूली बच्चों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों की पोशाक, स्वेटर और जूता-मोजा खरीदना अतिरिक्त खर्च का कारण बनता है।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने दीपावली के अंत तक सभी पात्र बच्चों के खातों में राशि भेजने का लक्ष्य रखा है। अब विभाग के सामने इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने और लंबित भुगतान व सामग्री वितरण में तेजी लाने की चुनौती है।















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