गुमला। झारखंड में उग्रवाद और प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में गुमला पुलिस और सुरक्षाबलों को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के खूंखार जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी उर्फ टाइगर को उसके तीन सक्रिय उग्रवादी साथियों के साथ धर दबोचा है। गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और लेवी (रंगदारी) वसूलने की रसीदें बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय पीएलएफआई संगठन को एक बड़ा झटका लगा है।
गुप्त सूचना पर पुलिस और सुरक्षाबलों ने बिछाया जाल
मिली जानकारी के मुताबिक, गुमला पुलिस अधीक्षक (SP) को गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई संगठन का जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी अपने साथियों के साथ किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने और लेवी वसूलने के इरादे से क्षेत्र में मुस्तैद है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया और चिन्हित ठिकानों पर घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की गई।
मुठभेड़ की फिराक में थे उग्रवादी, पुलिस ने घेरा
सुरक्षाबलों ने जैसे ही उग्रवादियों के ठिकाने को घेरा, उग्रवादियों ने भागने का प्रयास किया। लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत चारों सक्रिय उग्रवादियों को मौके पर ही सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अन्य तीन उग्रवादी भी संगठन के लिए लेवी वसूलने और रेकी करने का काम करते थे।
विदेशी हथियार और जिंदा कारतूस जब्त
गिरफ्तार उग्रवादियों की निशानदेही और तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी लंबे समय से गुमला, सिमडेगा और खूंटी के सीमावर्ती इलाकों में लेवी (रंगदारी) के लिए ठेकेदारों और व्यापारियों को धमका रहा था। पुलिस इन सभी से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि संगठन के अन्य सहयोगियों और स्लीपर सेल का पता लगाया जा सके।















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