सिवान। बिहार के सिवान जिले के बापूनगर इलाके में अवैध पटाखा निर्माण फैक्ट्री में हुए महाविस्फोट मामले में हर घंटे नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मलबे को हटाने के दौरान मरे हुए लोगों की संख्या बढ़कर अब 5 हो गई है, जबकि गंभीर रूप से झुलसे 6 लोगों का इलाज पीएमसीएच पटना में चल रहा है। इस मामले में सबसे बड़ा अपडेट यह है कि घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंची फॉरेन्सिक साइंस लेबोरेटरी और बम निरोधक दस्ते को मलबे से कुछ संदिग्ध तार और टाइमर जैसी डिवाइस के अवशेष मिले हैं, जिसने इस पूरे मामले को एक नया और बेहद संवेदनशील मोड़ दे दिया है।
विस्फोट इतना भीषण कि जमींदोज हो गई तीन मंजिला इमारत
यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि जिस तीन मंजिला मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे, वह ताश के पत्तों की तरह ढह गया। धमाके की गूंज से आसपास के करीब आधा किलोमीटर के दायरे में आने वाले घरों की खिड़कियों के शीशे चटक गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि शूक्रवार की शाम को अचानक हुए इस ब्लास्ट के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और चीख-पुकार मच गई।
मलबे से निकाले जा रहे शव, शिनाख्त की कोशिशें तेज
जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मलबे से अब तक 5 शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें से तीन की हालत इतनी क्षत-विक्षत है कि उनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा सकता है। एसपी ने पुष्टि की है कि मकान मालिक बिना किसी वैध लाइसेंस के रिहायशी इलाके के बीचो-बीच भारी मात्रा में बारूद और घातक लिक्विड केमिकल लाकर पटाखों का अवैध निर्माण करवा रहा था।
मालिक समेत 3 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, जांच का दायरा बढ़ा
प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे मुख्य आरोपी (मकान मालिक) और पटाखा सप्लायर समेत 3 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस की तीन विशेष टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। खुफिया एजेंसियां भी इस बात की जांच में जुट गई हैं कि क्या त्योहारों के सीजन में किसी बड़ी साजिश के तहत रिहायशी इलाके में इतना भारी बारूद डंप किया गया था। इलाके में तनाव और दहशत को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है।















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