कुकड़ू-चौकेगड़िया चौक पर फिर गई एक जान, वार्ड सदस्य मनोरंजन महतो की मौत के बाद आक्रोश, बालू ढुलाई और ओवरलोड वाहनों पर उठे सवाल
सरायकेला : जिले के कुकड़ू-चौकेगड़िया चौक के पास शनिवार शाम करीब 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में छोटा लापांग गांव के वार्ड सदस्य मनोरंजन महतो उर्फ मंटू की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक भारी वाहन की चपेट में आने से उनकी जान चली गई, हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और शव उठाने का विरोध किया। सूचना मिलने पर तिरुलडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
बालू ढुलाई और तेज रफ्तार पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन, बालू ढुलाई, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम होते ही बालू लदे भारी वाहन सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ते हैं और कई वाहन ओवरलोड होकर यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी निगरानी नहीं की गई तो हादसों का खतरा लगातार बना रहेगा।
प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल
मनोरंजन महतो की मौत केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान कर निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही क्षेत्र में बालू खनन और ढुलाई की वैधता, ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और यातायात नियमों के पालन की स्थिति की गंभीरता से जांच हो।
यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया – आखिर कब तक बालू के धंधे, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार भारी वाहनों के खतरे के बीच लोगों की जान जाती रहेगी?















Leave a Reply