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विजयादशमी 2026: ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंजी देश की राजधानी, दिल्ली समेत देशभर में धू-धू कर जला रावण

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ऐतिहासिक रामलीला मैदान और लाल किला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, भव्य आतिशबाजी से नहाया आसमान

पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में पीएम मोदी ने किया रावण दहन, द्वारका में जला 221 फीट का सबसे ऊंचा पुतला

नईदिल्ली। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व दशहरा आज देश भर में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शाम होते ही देश के कोने-कोने में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के गगनचुंबी पुतले धू-धू कर जल उठे। राजधानी दिल्ली में इस बार सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच लाखों लोगों की भीड़ इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनी।

रामलीला मैदान और लाल किला मैदान में ऐतिहासिक रौनक
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (जवाहरलाल नेहरू मार्ग) और लाल किला मैदान (लवकुश रामलीला) में राम-रावण युद्ध के अंतिम मंचन के बाद जैसे ही भगवान श्री राम का स्वरूप बने कलाकार ने अग्निबाण चलाया, पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा। पुतलों के भीतर सजे शानदार पटाखों की गूंज और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने रात के अंधेरे में आसमान को सराबोर कर दिया।

आईपी एक्सटेंशन में प्रधानमंत्री ने किया दहन
इस साल दशहरे का मुख्य आकर्षण पूर्वी दिल्ली का आईपी एक्सटेंशन मैदान रहा, जहां आयोजित भव्य उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पीएम मोदी ने मंच पर प्रभु श्री राम की आरती उतारी और तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। इस बार यहां ‘नकली दवाओं के सिंडिकेट’ जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ विशेष संदेश देते हुए पुतला तैयार किया गया था।

द्वारका में देश का सबसे ऊंचा रावण
पश्चिमी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10  रामलीला मैदान  में इस बार इतिहास रचा गया। यहां देश का सबसे ऊंचा 221 फीट का रावण का पुतला दहन किया गया, जिसे देखने के लिए दिल्ली-एनसीआर से लाखों लोग जुटे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिरकत की। इसके अलावा, पीतमपुरा (श्री केशव रामलीला) में पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश देने के लिए पारंपरिक पुतलों के साथ एक 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी फूंका गया, जो लोगों के बीच भारी कौतूहल का विषय रहा।

देश के अन्य हिस्सों में धूम
उत्तर प्रदेश के लखनऊ और वाराणसी, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू (अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव) और कर्नाटक के मैसूर में भी पारंपरिक भव्यता के साथ विजयादशमी मनाई गई। मैसूर पैलेस को लाखों दीयों से सजाया गया, जहां पारंपरिक राजा की तर्ज पर भव्य झांकियां निकाली गईं।

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