राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की मौजूदगी में हुआ भव्य रावण दहन, 30 फीट की सोने की लंका भी हुई राख
राजधानी के अरगोड़ा, शालीमार और तुपुदाना मैदानों में भी उमड़ा जनसैलाब, भव्य आतिशबाजी से जगमगाया आसमान
रांची। बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी आज झारखंड की राजधानी रांची में बेहद हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। राजधानी का मुख्य और ऐतिहासिक रावण दहन कार्यक्रम मोरहाबादी मैदान में संपन्न हुआ, जहाँ हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के ‘जय श्री राम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
राज्यपाल की मौजूदगी में हुआ पुतला दहन
मोरहाबादी मैदान में आयोजित पंजाबी हिंदू बिरादरी के इस भव्य कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और कई अन्य गणमान्य हस्तियां भी मंच पर मौजूद रहीं। अतिथियों द्वारा भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों की आरती उतारने और पूजा-अर्चना करने के बाद जैसे ही मुख्य पुतलों को अग्नि दी गई, मैदान पटाखों की गूंज से गूंज उठा।
70 फीट ऊंचा रावण और सोने की लंका रही मुख्य आकर्षण
इस साल मोरहाबादी मैदान में 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और 60 फीट ऊंचे मेघनाद के भव्य पुतलों का दहन किया गया। पुतला दहन से ठीक पहले मैदान में बनाई गई 30 बाय 30 फीट की दो मंजिला कृत्रिम ‘सोने की लंका’ को आग के हवाले किया गया, जो दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक और रोमांचक पल था। दहन के दौरान असम और ओडिशा से आए विशेष कारीगरों द्वारा की गई रंग-बिरंगी आतिशबाजी और शानदार लेज़र शो (Laser Show) ने मोरहाबादी के आसमान को सराबोर कर दिया।
रांची के अन्य मैदानों में भी उमड़ी भारी भीड़
मोरहाबादी के अलावा राजधानी रांची के अन्य प्रमुख मैदानों में भी रावण दहन का भव्य नजारा देखने को मिला। अरगोड़ा मैदान, शालीमार मैदान, तुपुदाना और टाटीसिलवे में भी स्थानीय पूजा कमेटियों द्वारा पुतला दहन के शानदार कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन सभी जगहों पर दोपहर से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।
सुरक्षा और ट्रैफिक के रहे कड़े इंतजाम
त्योहार के मद्देनजर रांची जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरे समय मुस्तैद नजर आया। मोरहाबादी मैदान और उसके आस-पास सुरक्षा के कड़े घेरे तैयार किए गए थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर के कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया था, जिससे आम लोगों को असुविधा न हो। देर रात तक राजधानी उत्सव के माहौल में डूबी रही।














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