JHAHIN/2014/58773

आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य आपातकाल: सोनुआ के गुदड़ी बालिका स्कूल में मलेरिया का तांडव, 10 छात्राओं को दिमागी मलेरिया; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

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सोनुआ (पश्चिमी सिंहभूम)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सोनुआ प्रखंड के बेगुना गांव के पास संचालित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, गुदड़ी में मलेरिया का भीषण संक्रमण फैल गया है। स्कूल में एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं के गंभीर रूप से बीमार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

मेडिकल कैंप लगाकर की गई शुरुआती जांच में 13 छात्राएं मलेरिया पॉजिटिव पाई गई हैं, जिनमें से 10 छात्राओं में खतरनाक ‘ब्रेन मलेरिया’ (दिमागी मलेरिया) की पुष्टि हुई है। इस स्वास्थ्य आपातकाल को देखते हुए जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम अलर्ट मोड पर आ गई है।

 मेडिकल कैंप में हुआ खुलासा, 54 में से 13 संक्रमित

मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से आवासीय विद्यालय की कई छात्राओं ने तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत की थी। छात्राओं की तबीयत लगातार बिगड़ने की सूचना मिलते ही सोनुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक विशेष मेडिकल टीम आनन-फानन में स्कूल पहुंची।

 मेडिकल टीम ने स्कूल परिसर में ही आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाया और बुखार से पीड़ित 54 छात्राओं के खून के नमूनों की जांच की।   शुरुआती जांच रिपोर्ट में 13 छात्राएं मलेरिया से ग्रसित पाई गईं। इनमें से 10 छात्राओं की स्थिति गंभीर पाई गई क्योंकि वे प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (दिमागी मलेरिया) की चपेट में आ चुकी थीं।

स्वास्थ्य विभाग का क्या है कहना?

संक्रमण की पुष्टि होते ही एंबुलेंस के जरिए सभी प्रभावित बच्चियों को तुरंत सोनुआ अस्पताल (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां विशेष डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया।

सोनुआ सीएचसी  प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. डीपी हांसदा ने बताया, “मलेरिया प्रभावित छात्राओं को तत्काल आवश्यक एंटी-मलेरिया ड्रग्स और चिकित्सा सहायता दी गई है। कुछ बच्चियों को शुरुआती प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। अन्य बीमार छात्राओं को सीजनल या वायरल फीवर की दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सभी छात्राओं के स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।”  

परिसर में स्वच्छता और फॉगिंग के निर्देश

आवासीय विद्यालय में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर मलेरिया फैलने के बाद स्कूल प्रबंधन के रख-रखाव और स्वच्छता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम का यह इलाका पहले से ही मलेरिया के प्रति बेहद संवेदनशील माना जाता है।  

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि स्कूल परिसर और हॉस्टल के आसपास जलजमाव को तुरंत खत्म किया जाए, एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव हो और युद्धस्तर पर फॉगिंग कराई जाए। साथ ही हॉस्टल की सभी छात्राओं को अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने की हिदायत दी गई है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।

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