पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री-डीजीपी से मिलेंगे- विधायक
जमशेदपुर। बहरागोड़ा में पदस्थापित महिला आरक्षी के साथ कथित छेड़खानी एवं अनुचित व्यवहार के मामले को लेकर उनके भाई रोहित मसीहा लकड़ा ने शनिवार को पोटका विधायक संजीव सरदार से न्याय दिलाने की मांग की। विधायक को सौंपे गए आवेदन में संबंधित पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार के खिलाफ पूर्व में हुई विभागीय जांच एवं जांच के निष्कर्ष और बाद में उनके पुनः थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। विधायक संजीव सरदार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जरुरत पड़ेगी तो डीजीपी और मुख्यमंत्री से भी इस मामले में मुलाकात करेंगे।
पहली जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने का दावा
आवेदन में कहा गया है कि महिला आरक्षी की ओर से पवन कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई थी, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के भाई के अनुसार, उक्त जांच के निष्कर्ष में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सत्य प्रतीत होने की बात दर्ज की गई थी। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान, सीडीआर, टावर लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी उल्लेख किए जाने की बात आवेदन में कही गई है।
दूसरी जांच की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
आवेदन में दूसरी जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के भाई का आरोप है कि चार सदस्यीय जांच कमेटी में सभी सदस्यों की सहमति नहीं थी और केवल दो सदस्यों के हस्ताक्षर लिए गए, जबकि अन्य दो सदस्यों की असहमति के बावजूद कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी जांच में आरोपी संबंधित पदाधिकारी को सिर्फ़ इसलिए क्लीन चिट दे दी गई क्योंकि जांचकर्ता और आरोपी एक ही जाति से एक ही समाज से आते है. जांच निष्पक्ष नहीं थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महिला आरक्षी द्वारा उपलब्ध कराई गई कुछ सामग्री, जिसमें पेनड्राइव में दी गई रिकॉर्डिंग भी शामिल थी, का जांच रिपोर्ट में उल्लेख नहीं किया गया, उसे गायब ही कर दिया गया रिपोर्ट से।आवेदन में मांग की गई है कि पूरे मामले की पुनः किसी सक्षम एवं निष्पक्ष पदाधिकारी से जांच कराई जाए।















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