जमशेदपुर। महिला विश्वविद्यालय और मिनिस्ट्री ऑफ आईटी कि अनुसंगी निजी इकाई ड्रोन वैन प्राइवेट लिमिटेड के बीच शनिवार को समझौता पर हस्ताक्षर हुआ संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो इला कुमार ने कहा कि समझौते का मुख्य उद्देश्य यहां की छात्राओं के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। विश्वविद्यालय द्वारा ज्लद ही ड्रोन उड़ाने के साथ उससे संबंधित सभी प्रकार के कोर्स की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी संकाय की छात्राएं इस ड्रोन कोर्स में सम्मिलित हो सकती हैं। यह आज की आवश्यकता है। ड्रोन वैन प्राइवेट लिमिटेड राष्ट्रीय स्तरीय पर ड्रोन को चलाने वाली एजेंसी है। यह एजेंसी दिल्ली पुलिस, इंडियन आर्मी एवं मिनिस्ट्री ऑफ इन्फोरमेशन एण्ड टेक्नॉलोजी से जुड़ कर काम करती है। इस एजेंसी को भारत सरकार के डीजीसीए से लाइसेंस भी प्राप्त है। जिसके तहत ये कानूनी रूप से ड्रोन उड़ाने के लिए सक्षम एजेंसी है।
इस मौके पर एजेंसी से जुड़े कुलेश्वर डीजीसीए से मान्यता प्राप्त पशिक्षक ने बताया कि ड्रोन क्या है और वर्तमान समय में इसका उपयोग कहां कहां किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका काम कृषि, बाढ़,चक्रवात,भूकंप के साथ ही राहत कार्य के दौरान, सुरक्षा एवं बड़े पुल एवं हाईलेवल कैमरा, फॉरेस्ट गार्ड जहां सामान्य व्यक्ति की पहुंच नहीं है, वहां मैपिंग में ड्रोन का कार्य महत्वपूर्ण हो जाता है। आज कै दौर में करियर के लिए ड्रोन इंडस्ट्री के रूप में विकसित हो चुका है। प्रोफेशनल ड्रोन, ड्रोन इंजीनियर,एरियल डाटा एनालिस्ट,ड्रोन पायलट इंस्ट्रक्टर इत्यादि के रूप में ड्रोन के क्षेत्र में करियर की संभावनाएं है।
धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ सलोमी कुजूर ने जबकि मंच संचालन प्रोग्राम को – ऑडिनेटर डॉ केया बनर्जी ने किया। इस कार्यक्रम में डॉ. मनीषा टाइटस, डॉ. सोनाली सिंह, पुष्पा कुमारी,डॉ. राजेंद्र जायसवाल, डॉ. सनातन दीप ,डॉ. रत्ना मित्र ,डॉ. अमृता कुमारी, डॉ. अनामिका, डॉ. संजय भुईया, डॉ. रितेश ठाकुर, डॉ. अनीता मिश्रा, सहित अन्य संकायों से जुड़े शिक्षकगण एवं शिक्षकेत्तर बंधु सम्मिलित हुए।















Leave a Reply