जमशेदपुर। बारीडीह कमिटी हॉल में आदिवासी जन परिषद के तत्वाधान में करम मिलन समारोह संपन्न हुईl इस मिलन समारोह में केंद्रीय अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा, महासचिव प्रकाश मुंडा, सचिव विष्णु मुंडा, रांची महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष शिला उरांव अतिथि के रूप में शामिल हुईl
वक्ताओं ने कहा कि करम मिलन समारोह करने का उद्देश्य है कि आदिवासियों को अपनी संस्कृति,धर्म अपनी विरासत को बचाए रखने के साथ पर्यावरण को बचाने के लिए करम महोत्सव को मनाने की आवश्यकता है। क्योंकि यह भाई-बहन का त्योहार जिसमें बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए करम की पूजा करती है। यह क़ृषि महोत्सव के रूप में भी जाना जाता है और आदिवासियों के धर्मकोड के अभियान को करमा महोत्सव के माध्यम से बढ़ाया जाता है। इसलिए हम लोगों को हर वक्त प्राकृतिक महोत्सव करम को बचाएं रखने के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है । आदिवासी जन परिषद के तत्वाधान में करम मिलन समारोह के अवसर पर कुछ सामाजिक प्रस्ताव भी पारित किए गए । आदिवासियों के धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान के लिए भारत की जनगणना प्रपत्र में आदिवासियों का अलग धर्म कोड को लागू किया जाए । करम महोत्सव की पढ़ाई झारखंड के प्रथम पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। करम महोत्सव को बढ़ावा देने के लिए ट्राबल सब प्लान की राशि को आदिवासियों के विशेष पैकेज के रूप में दी जाए। झारखंड राज्य में पेसा कानून को जमीनी स्तर पर लागू की जाए। पूर्वी सिंहभूम में आदिवासियों के धार्मिक जमीन व्यापक रूप से लूटी जा रही है इसको विशेष टास्क बनाकर के जमीन को बचाने के लिए राज्य सरकार पहल करें। झारखंड मे करम पूजा स्थल को चिन्हित कर सुरक्षित किया जाए। आदिवासियों की धार्मिक स्थल को सुरक्षित करने के लिए आदिवासी धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन किया जाए और अंत में जल जंगल जमीन को बचाने के लिए लोगों ने संकल्प लिया।












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