मुंबई। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ साल 2018 में की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से उन्हें बड़ा झटका लगा है। अदालत ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमे को पूरी तरह से रद्द करने की मांग की थी।
यह पूरा विवाद सितंबर 2018 का है, जब राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राजनीतिक घमासान चरम पर था। राजस्थान में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर “कमांडर-इन-थीफ” (चोरों का सरदार) शब्द का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता महेश श्रीमाल ने मुंबई की गिरगांव कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
राहुल गांधी ने इस मुकदमे को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी दलील थी कि शिकायतकर्ता इस मामले में सीधे तौर पर पीड़ित पक्ष नहीं हैं, इसलिए यह शिकायत कानूनी रूप से मान्य नहीं है। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज करते हुए साफ किया कि मामले की निचली अदालत में सुनवाई जारी रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावों से ठीक पहले कानूनी मोर्चे पर लगा यह झटका कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से चिंता का विषय बन सकता है, जबकि बीजेपी इसे प्रधानमंत्री की गरिमा से जोड़कर कांग्रेस पर हमलावर है। अब सभी की निगाहें गिरगांव कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।













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