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इटली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम प्रशिक्षण कार्यक्रम में रितिक सामंत होंगे शामिल

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खड़गपुर : खड़गपुर निवासी एवं इंडियन कन्फेडरेशन ऑफ लेबर (आईसीएल) के प्रतिनिधि रित्तिक सामंत का चयन इटली के ट्यूरिन स्थित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र (आईटीसीआईएलओ) में आयोजित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय श्रम प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए हुआ है।

आईटीसीआईएलओ द्वारा 23 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, रित्तिक सामंत का चयन “टर्निंग डेमोग्राफिक चेंज इंटू डिसेंट वर्क: ट्रेड यूनियन स्ट्रैटेजी लैब” नामक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रत्यक्ष प्रशिक्षण सत्र के लिए किया गया है। यह कार्यक्रम 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक ट्यूरिन, इटली में आयोजित होगा।

आईटीसीआईएलओ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फेलोशिप के अंतर्गत प्रशिक्षण शुल्क, अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकें, केंद्र परिसर में आवास और भोजन, निर्धारित स्थानीय अध्ययन भ्रमण, आपातकालीन चिकित्सा बीमा तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रा का खर्च शामिल है। हालांकि, आवश्यक शेंगेन वीजा और उससे संबंधित करों का खर्च प्रतिभागी को स्वयं वहन करना होगा। अपने चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए रित्तिक सामंत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना उनके लिए एक नया और महत्वपूर्ण अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें श्रम नीति, श्रमिकों के अधिकार और बदलती कार्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा, “मैं इस कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का भविष्य में अपने देश में श्रमिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उपयोग करने का हरसंभव प्रयास करूंगा। इस अवसर के लिए मैं इंडियन कन्फेडरेशन ऑफ लेबर और इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए मेरा चयन करने पर आईटीसीआईएलओ का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

इंडियन कन्फेडरेशन ऑफ लेबर के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिर्बान भट्टाचार्य ने कहा कि श्रम आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए युवा पीढ़ी को शिक्षा, ज्ञान और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के अवसर उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि रित्तिक सामंत की इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भागीदारी युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी और आने वाले दिनों में श्रमिकों के अधिकारों एवं हितों के संघर्ष को मजबूती प्रदान करेगी।

भट्टाचार्य ने कहा, “हमारा मानना है कि शिक्षा और निरंतर सीखने की प्रक्रिया श्रम आंदोलन का अभिन्न हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय ज्ञान और अनुभव का भारत में श्रमिकों के कल्याण के लिए रचनात्मक उपयोग किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों के संघर्ष को मजबूत बनाने का भी एक महत्वपूर्ण साधन है।

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