रांची। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने और लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय समझौतों को पूरा करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर आज झारखंड सहित देशव्यापी बैंक हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। झारखंड के तमाम राष्ट्रीयकृत और क्षेत्रीय बैंकों में आज सुबह से ही ताले लटके नजर आए, जिसके कारण राज्य भर में वित्तीय कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।
राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के प्रांतीय नेताओं के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने बैंक शाखाओं के बाहर इकट्ठा होकर केंद्र सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन नेताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की जायज मांग को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिलती, उनका यह आंदोलन और उग्र होगा।
करोड़ों का ट्रांजैक्शन अटका, आम जनता परेशान
इस एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के कारण झारखंड में चेक क्लीयरेंस, कैश जमा-निकासी, आरटीजीएस (RTGS), और नए लोन से जुड़े सारे काम पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, अकेले झारखंड में करोड़ों रुपये का चेक क्लीयरेंस और कैश ट्रांजैक्शन अटक गया है। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) सेवाएं बहाल हैं, लेकिन नकदी की भारी किल्लत के चलते एटीएम (ATM) के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई व्यावसायिक इलाकों में एटीएम भी दोपहर तक खाली हो चुके हैं, जिससे छोटे व्यापारियों और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए संवेदनशील बैंकिंग क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बैंकों की इस तालाबंदी ने त्योहारों और व्यावसायिक सीजन से ठीक पहले बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया है।













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