गिरिडीह। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धनबाद एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गिरिडीह के बरवाडीह स्थित साइबर थाने के सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) पुनीत कुमार गौतमको ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की इस अचानक हुई कार्रवाई से गिरिडीह पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बेटे की केस डायरी के बदले मांगी थी मोटी रकम
यह पूरा मामला एक मजबूर पिता की शिकायत पर शुरू हुआ। शिकायतकर्ता जीवलाल मंडल का बेटा संतोष मंडल इस समय साइबर अपराध के एक मामले में जेल में बंद है। अदालत में बेटे की जमानत और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए केस डायरी की सख्त जरूरत थी। इसी केस डायरी को कोर्ट भेजने के एवज में जांच अधिकारी (IO) दारोगा पुनीत कुमार मंडल पर लगातार दबाव बना रहे थे।
₹2 लाख से ₹35 हजार पर तय हुआ था सौदा
आरोप है कि दारोगा ने केस डायरी भेजने के नाम पर शुरुआत में ₹2 लाख की मोटी रकम मांगी थी। गरीब पिता ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो काफी मिन्नतें करने के बाद सौदा ₹35,000 में तय हुआ। पीड़ित पिता घूसखोर दारोगा के आगे झुकना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने सीधे धनबाद एसीबी से संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
थाने के गेट पर ही एसीबी ने बिछाया जाल
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद त्वरित कार्रवाई की और डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित पिता ₹30,000 लेकर साइबर थाने के गेट के पास पहुंचे, दारोगा पुनीत कुमार पैसे लेने बाहर आए। पैसे हाथ में लेते ही पहले से जाल बिछाकर खड़ी एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपी दारोगा को अपने साथ धनबाद ले गई है, जहां उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो कानून का इकबाल कमजोर होता है।













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