पटना। बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लघु जल संसाधन विभाग (सारण मंडल) के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर राजेंद्र कुमार के 5 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस सघन तलाशी में इंजीनियर की करोड़ों रुपये की अकूत संपत्ति और आलीशान निवेश का भंडाफोड़ हुआ है।
मुंबई में फ्लैट और 76 लाख के आभूषण बरामद
SVU की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक जांच में इंजीनियर के पास ₹3.34 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति पाई गई है, जो उनके वैध स्रोतों से कहीं ज्यादा है। तलाशी के दौरान इंजीनियर और उनके करीबियों के नाम पर मुंबई में आलीशान फ्लैट/जमीन, पटना के बेऊर स्थित महावीर कॉलोनी में मकान, और छपरा व गोपालगंज समेत कई शहरों में 16 से अधिक कीमती भूखंडों (प्लाट्स) के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा, विभिन्न ठिकानों से ₹76 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और ₹1.96 लाख नगद बरामद किए गए हैं।
शेल खातों और रिश्तेदारों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का शक
जांच अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2008 में सरकारी सेवा में आए राजेंद्र कुमार ने अपनी काली कमाई को वैध दिखाने के लिए अपने नजदीकी रिश्तेदारों का सहारा लिया। अवैध रूप से अर्जित धन को उनकी मां, पत्नी और बहन के बैंक खातों में ट्रांसफर कर ठिकाने लगाया जा रहा था। एसबीआई समेत अन्य बैंकों में उनके 6 से अधिक एक्टिव खातों का पता चला है, जिनमें बड़े ट्रांजैक्शन की बात सामने आई है। एजेंसी इन खातों को फ्रीज कर आगे की वित्तीय जांच में जुट गई है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई
विशेष सतर्कता इकाई (SVU) के महानिदेशक के निर्देश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर यह कार्रवाई की गई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह जब्ती अभी शुरुआती है। जब्त दस्तावेजों, बैंक लॉकरों और बेनामी संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद अवैध संपत्ति का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है। सरकार की इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।













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