पटना। बिहार के खान-पान और ग्रामीण विरासतके लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और गर्व से भरा है। राजधानी दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं और विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों को दिए जाने वाले विशेष वेलकम किट (गुड्डी बैग) में बिहार के पारंपरिक सत्तू ब्रांड ‘Sattuz’ को शामिल किया गया है। विदेश मंत्रालय और बिहार उद्योग विभाग की इस अनूठी पहल से बिहार का यह ‘देसी सुपरफूड’ अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर धूम मचाने को तैयार है।
मधुबनी से निकला स्टार्टअप, अब दुनिया के मेहमानों की पसंद
मूल रूप से बिहार के मधुबनी से जुड़े उद्यमी सचिन कुमार द्वारा साल 2019 में शुरू किए गए इस स्टार्टअप ने बेहद कम समय में यह मुकाम हासिल किया है। ब्रिक्स समिट के लिए विदेश मंत्रालय और बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) ने कंपनी से संपर्क कर महज 48 घंटों के भीतर 1500 पैकेट्स की आपूर्ति सुनिश्चित कराई। किट में शामिल यह सत्तू ‘जलजीरा फ्लेवर’ में है, जो पूरी तरह से लैक्टोज-फ्री, ग्लूटेन-फ्री और प्लांट प्रोटीन से भरपूर है।
‘इंडिया स्टोरी‘ का हिस्सा बने बिहार के उत्पाद
भारत सरकार इस समिट के जरिए अपनी क्षेत्रीय विविधता और सांस्कृतिक पहचान को ‘इंडिया स्टोरी’ के रूप में पेश कर रही है। इस खास किट में बिहार से सत्तू के साथ-साथ पूर्णिया का मशहूर ‘मखाना’ भी परोसा जा रहा है, जिसे ‘अचारी चटका’ फ्लेवर में तैयार किया गया है। इसके अलावा ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के हस्तशिल्प को भी इस किट में जगह मिली है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार, उद्यमी बोले- “यह मिथिला का सम्मान”
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा, “ब्रिक्स समिट में सत्तू और मखाने का शामिल होना नए बिहार की नई पहचान को दर्शाता है, जिसने हमारे जायके को वैश्विक पटल पर ला खड़ा किया है।” वहीं ‘Sattuz’ के संस्थापक सचिन कुमार ने इसे मिथिला के किसानों और स्थानीय कृषि-उद्यमियों की बड़ी जीत बताया है।
यह पहल साबित करती है कि यदि सही पैकेजिंग और गुणवत्ता दी जाए, तो बिहार की गलियों में बिकने वाला पारंपरिक सत्तू भी दुनिया के सबसे बड़े कूटनीतिक मंचों पर अपनी छाप छोड़ सकता है।













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