JHAHIN/2014/58773

पढ़ाई के साथ सेवा और अनुशासन का पाठ, छात्राओं ने परोसा मिड-डे मील

Spread the love

पश्चिम मेदिनीपुर। शिक्षा संस्थान केवल किताबों तक सीमित नहीं होते। पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन, सहयोग और सौहार्द की भावना विकसित करना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है। इसी सोच की मिसाल पश्चिम मेदिनीपुर के मेदिनीपुर ग्रामीण क्षेत्र स्थित एलाहिया हाई मदरसा (उच्च माध्यमिक) में देखने को मिली।
मदरसे में मिड-डे मील तैयार करने और परोसने के लिए स्वयं सहायता समूह की कर्मियों की व्यवस्था है, लेकिन सप्ताह में एक दिन कक्षा आठवीं की छात्राएं स्वयं अपने सहपाठियों को भोजन परोसती हैं। इसी क्रम में शनिवार को कक्षा आठवीं की चार छात्राओं ने मिड-डे मील परोसने की जिम्मेदारी संभाली।
कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों की अलग-अलग कतारों में जाकर छात्राओं ने किसी की थाली में चावल परोसा तो किसी को दाल और सोयाबीन की सब्जी दी। सहपाठी छात्राओं के हाथों भोजन पाकर छोटे विद्यार्थियों में भी उत्साह और खुशी देखने को मिली। वहीं भोजन परोसने वाली छात्राएं भी इस जिम्मेदारी को निभाकर उत्साहित नजर आईं।
मदरसे में मिड-डे मील के प्रभारी शिक्षक चंडीचरण राउत ने कहा, “पढ़ाई के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। भोजन परोसना भी बच्चों को सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक पाठ सिखाता है।”
मिड-डे मील व्यवस्था की निगरानी शिक्षक-शिक्षिकाओं की देखरेख में होती है। साप्ताहिक ड्यूटी के तहत इस दिन नरसिंह दास, चित्ततोष पाड़ा और राजीव हुसैन खान व्यवस्था संभाल रहे थे। उनकी जिम्मेदारी में कक्षा के अनुसार विद्यार्थियों को कतार में खड़ा करना, भोजन से पहले साबुन से हाथ धुलवाना, भोजन लेने के बाद निर्धारित स्थान पर बैठाना, भोजन की बर्बादी रोकना तथा भोजन के बाद जूठन निर्धारित डस्टबिन में डालना और प्लेट साफ कर तय स्थान पर रखना शामिल है।
मदरसे के प्रधान शिक्षक नूर आलम ने कहा कि यहां कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के सभी विद्यार्थी नियमित रूप से अनुशासित तरीके से मिड-डे मील ग्रहण करते हैं। सप्ताह में एक दिन आठवीं कक्षा की छात्राओं से भोजन परोसवाने का उद्देश्य उन्हें जिम्मेदारी के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक व्यवहार का व्यावहारिक पाठ देना भी है।
मदरसे की यह पहल पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों में सेवा, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने की कोशिश के रूप में सामने आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *