अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना को लेकर महिलाओं ने लिया संकल्प
जमशेदपुर। छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं द्वारा मनाए जाने वाले पारंपरिक तीज व्रत का शुभारंभ रविवार (13 सितंबर) से हुआ। इसी क्रम में श्री श्री शिव शीतला माता मंदिर, बागुनहातु के प्रांगण में छत्तीसगढ़ी महिला समिति की ओर से विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ करू भात खाकर निर्जला तीज व्रत रखने का संकल्प लिया।
तीज व्रत छत्तीसगढ़ी समाज की महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि तथा अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर यह कठिन व्रत करती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना करती हैं।
रविवार को मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज व्रत का संकल्प लिया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं भी दीं और व्रत की परंपराओं एवं धार्मिक मान्यताओं पर चर्चा की।
छत्तीसगढ़ी महिला समिति की ओर से बताया गया कि तीज केवल धार्मिक व्रत ही नहीं, बल्कि समाज की महिलाओं को अपनी संस्कृति, परंपरा और आपसी एकजुटता से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पर्व भी है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी समाज की पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम में समिति की अध्यक्षा शशि साहू के अलावा पिंकी निषाद, गीता निषाद, पिंकी साहू, किरण साहू और लता साहू सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने श्रद्धा और उत्साह के साथ तीज व्रत का संकल्प लिया। मंदिर परिसर में महिलाओं की उपस्थिति और पारंपरिक आयोजन ने पर्व की धार्मिक एवं सांस्कृतिक छटा को और भी आकर्षक बना दिया।













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