जमशेदपुर । संतुलित और पौष्टिक आहार किसी विकासशील राष्ट्र की मूल आवश्यकता है। यह केवल कुछ सौभाग्यशाली लोगों तक सीमित विशेषाधिकार नहीं है। आज, जब यह सप्ताह राष्ट्रीय पोषण माह की एक महीने लंबी यात्रा का रूप ले चुका है, तो यह हमारी सामूहिक संवेदना और जिम्मेदारी को भी जागृत करता है,ताकि भूख और स्वस्थ जीवन के बीच बनी उस लंबी दूरी को पाटा जा सके, जो आज भी समाज के एक बड़े हिस्से के सामने चुनौती बनी हुई है।झारखंड देश में बाल कुपोषण के सबसे अधिक बोझ वाले राज्यों में से एक है। इस चुनौती से निपटने के लिए दीर्घकालिक और व्यवस्थित प्रयास की आवश्यकता को समझते हुए, टाटा स्टील फाउंडेशन (TSF) की प्रमुख पोषण पहल, प्रोजेक्ट पोषण, की शुरुआत 2022 में की गई। पिछले तीन वर्षों में, परियोजना ने अपने हस्तक्षेप वाले क्षेत्रों में व्यापक पोषण पैकेज के माध्यम से 3.32 लाख से अधिक लोगों तक सीधे पहुँच बनाई है।इसके अलावा, गंभीर और मध्यम स्तर के कुपोषण से प्रभावित 13,000 से अधिक बच्चों को उपचार और लगातार देखभाल के माध्यम से स्वस्थ वजन पाने में मदद की गई। एनीमिया से प्रभावित 55,000 से अधिक किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और प्रजनन आयु की महिलाओं के हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार हुआ। उन्हें पोषण संबंधी सलाह, स्वास्थ्य जाँच, आयरन-फोलिक एसिड की खुराक और बेहतर स्वास्थ्य आदतों के लिए जरूरी सहयोग दिया गया।बच्चों के विकास की निगरानी, के लिए 1,657 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। इससे जमीनी स्तर पर पोषण सेवाओं को और मजबूत बनाने में मदद मिली।इसी तरह, 980 आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण और सहयोग दिया गया, ताकि वे समुदाय तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की बेहतर पहुँच सुनिश्चित कर सकें। 22,000 से अधिक परिवारों में पोषण वाटिकाएँ विकसित की गईं और उन्हें बढ़ावा दिया गया। टाटा स्टील में, जिन समुदायों की हम सेवा करते हैं, वे हमारे उद्देश्य के केंद्र में हैं। उनकी बुनियादी जरूरतों, आकांक्षाओं और बेहतर जीवन की दिशा में काम करना हमारी सामूहिक प्रगति की मजबूत नींव है।
भूख से सेहत तक: प्रोजेक्ट पोषण ने बढ़ाया मदद का हाथ













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