आदित्यपुर। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 स्थित बरगीडीह में जमीन के एक भूखंड पर कब्जे और दावेदारी को लेकर ग्रामीणों और विस्थापित पक्ष के बीच विवाद गहरा गया है।
तनाव की स्थिति तब और बढ़ गई जब शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और विवादित जमीन पर सीमेंट के पोल व कंटीले तार से की गई पूरी घेराबंदी को उखाड़कर तोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक के निर्देश पर जांच अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का आरोप: खेल मैदान को बेचने की साजिश, स्टेडियम बनाने की मांग
ग्रामीणों की ओर से मोर्चा संभाल रहे झायुमो के ज़िला उपाध्यक्ष सोमदेव प्रधान उर्फ विक्की प्रधान ने कहा कि यह बरगीडीह का पारंपरिक खेल मैदान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के छोटे-छोटे प्लॉट काटकर अवैध तरीके से बेचे जा रहे हैं। विक्की प्रधान ने जिला प्रशासन और मंत्री दीपक बिरुआ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि मैदान को ग्रामीणों के हवाले कर इसे स्टेडियम घोषित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो जियाडा कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विस्थापित पक्ष का दावाः वैध दस्तावेज के बावजूद तोड़ी गई बाउंड्री विस्थापित परिवार का पक्ष रख रहे उमा प्रसाद वर्मा ने कहा कि वे जियाडा के विस्थापित हैं। वर्ष 1990 में जियाडा ने विधिवत डिमार्केशन, नक्शा व परवाना निर्गत करते हुए आवास निर्माण के लिए यह जमीन उनके परिवार को छोड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे अपनी जमीन पर बाउंड्री व घेराबंदी कर रहे थे, लोगों ने मौके पर आकर धक्का-मुक्की की और सीमेंट पोल व कंटीले तार की बाउंड्री तोड़ दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न्याय के लिए डीसी, एसडीओ और स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा व कार्रवाई की गुहार लगाएंगे।













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