झाड़ग्राम। वर्ष 2016 के एक पुराने मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष मंगलवार को झाड़ग्राम अदालत पहुंचे। तृणमूल कांग्रेस की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर झाड़ग्राम थाना में दर्ज इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे। इस मामले में दिलीप घोष समेत अन्य आरोपितों की पेशी और पूछताछ निर्धारित थी। इस दौरान उन्होंने अपने अधिवक्ता से भी कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।
अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से लेकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला।
डेबरा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की घटना को लेकर पूछे गए सवाल पर श्री घोष ने कहा कि इस संबंध में पार्टी जो निर्णय लेगी, वही अंतिम होगा। संगठन के भीतर कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं, जिन्हें पार्टी अपने स्तर पर सुलझा लेगी।
पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों और कांग्रेस के बीच गठबंधन तथा त्रिपुरा के अगरतला नगर निगम चुनाव में संभावित गठबंधन पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देशभर में इस तरह के राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं। कौन किसका हाथ पकड़ेगा और कौन किसका पैर पकड़ेगा, इससे समग्र राजनीतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में ममता बनर्जी की कथित टिप्पणी ‘काफिर हैं, वो डरते हैं‘ को लेकर पूछे जाने पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी उर्दू समझती हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं । उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी धर्म और राजनीति को आपस में मिला रही हैं। घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में अब एक पार्षद तक नहीं जिता पाएंगी। राज्य में उनकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है, इसलिए अब वह दिल्ली से राजनीति कर रही हैं।













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