JHAHIN/2014/58773

सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की दीक्षांत परंपरा : प्रथम समारोह से दसवें दीक्षांत समारोह तक का गौरवपूर्ण सफर

Spread the love

राष्ट्रपति, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष जैसे विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति से समृद्ध रहा विश्वविद्यालय का दीक्षांत इतिहास

दुमका। वर्ष 1992 में स्थापित सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका संताल परगना क्षेत्र का प्रमुख विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय से दुमका के साथ-साथ गोड्डा, पाकुड़, देवघर, साहिबगंज एवं जामताड़ा सहित संपूर्ण उत्तरी झारखंड के अनेक महाविद्यालय एवं शिक्षण संस्थान संबद्ध हैं। स्थापना के बाद से विश्वविद्यालय ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार और शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा में दीक्षांत समारोह एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण परंपरा रही है। हालांकि विश्वविद्यालय की स्थापना को 33 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस अवधि में अब तक नौ दीक्षांत समारोह आयोजित हो चुके हैं और अब विश्वविद्यालय अपने दसवें दीक्षांत समारोह की ओर अग्रसर है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों का इतिहास अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति से जुड़ा रहा है। विभिन्न अवसरों पर देश के राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्री तथा झारखंड के राज्यपालों ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान किए हैं।

मार्च 2008 में हुआ पहला दीक्षांत समारोह

सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह मार्च 2008 में तत्कालीन कुलपति प्रो. विक्टर तिग्गा के कार्यकाल में आयोजित हुआ था। उस समय डॉ. रघुनंदन राम कुलसचिव तथा डॉ. सी.के. सिंह परीक्षा नियंत्रक थे। तत्कालीन झारखंड के राज्यपाल सिब्ते रजी ने समारोह में विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए।

पहले दीक्षांत समारोह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों को औपचारिक रूप से सार्वजनिक मंच पर प्रतिष्ठित करने की एक महत्वपूर्ण परंपरा की शुरुआत की। इसके बाद दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर और गौरवपूर्ण अवसर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता गया।

प्रो. बशीर अहमद खान के कार्यकाल में लगातार तीन दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय के इतिहास में तत्कालीन कुलपति प्रो. बशीर अहमद खान का कार्यकाल दीक्षांत समारोहों के आयोजन की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। उनके कार्यकाल में पहली बार विश्वविद्यालय में लगातार तीन वर्षों—2011, 2012 और 2013—में दीक्षांत समारोह आयोजित किए गए।

वर्ष 2011 में आयोजित दीक्षांत समारोह में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए थे। उस समय झारखंड के राज्यपाल  एम.ओ.एच. फारूक थे। समारोह के दौरान डॉ. शमशादुल्लाह कुलसचिव तथा डॉ. पी.के. राय परीक्षा नियंत्रक थे।

वर्ष 2012 में विश्वविद्यालय का अगला दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें तत्कालीन झारखंड के राज्यपाल सैयद अहमद ने शिरकत की।

वर्ष 2013 का दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस समारोह में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति  प्रणब मुखर्जी ने विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए। तत्कालीन राज्यपाल  सैयद अहमद भी समारोह में उपस्थित थे। इस प्रकार विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए यह अवसर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष गौरव का विषय बना।

पांचवां दीक्षांत समारोह और राष्ट्रपति बनने से पूर्व द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति

विश्वविद्यालय का पांचवां दीक्षांत समारोह तत्कालीन कुलपति प्रो. कमर अहसन के कार्यकाल में आयोजित हुआ। इस समारोह की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि तत्कालीन झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए। आज वे भारत की राष्ट्रपति हैं।

इस अवधि में डॉ. पी.के. घोष विश्वविद्यालय के कुलसचिव थे तथा वर्तमान कुलसचिव डॉ. संजय कुमार सिन्हा उस समय परीक्षा नियंत्रक के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। इस दीक्षांत समारोह ने विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा।

आठवां दीक्षांत समारोह : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता

विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत समारोह सितंबर 2024 में राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इसका आयोजन तत्कालीन कुलपति प्रो. बिमल प्रसाद सिंह के कार्यकाल में हुआ।

इस अवधि में डॉ. राजीव कुमार कुलसचिव तथा डॉ. जय कुमार साह परीक्षा नियंत्रक थे। इस समारोह के साथ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोहों की परंपरा एक नए चरण में प्रवेश कर गई।

नौवां दीक्षांत समारोह : 17 नवंबर 2025

विश्वविद्यालय का नौवाँ दीक्षांत समारोह 17 नवंबर 2025 को दुमका स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने की।

इस अवसर पर डॉ. राजीव रंजन शर्मा कुलसचिव तथा डॉ. जय कुमार साह परीक्षा नियंत्रक थे। कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस समारोह ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत आयोजनों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रस्तुत किया।

अब दसवें दीक्षांत समारोह की तैयारी

विश्वविद्यालय अब अपने दसवें दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारी में जुटा है। इस समारोह में महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार विद्यार्थियों को मेडल एवं डिग्री प्रदान करेंगे। झारखंड विधानसभा के माननीय अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित होंगे।

दसवें दीक्षांत समारोह को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। कुलपति प्रो. कुनूल कंडीर समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित कर तैयारियों की प्रगति की जानकारी ले रही हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही हैं। कुलसचिव डॉ. अब्दुस सत्तार समारोह से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की स्वयं निगरानी कर रहे हैं।

परीक्षा नियंत्रक डॉ. रीना नीलिमा लकड़ा ने बताया कि समारोह में मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का निबंधन 4 नवंबर को दुमका स्थित कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। निबंधन एवं संबंधित व्यवस्थाओं की देखरेख की जिम्मेदारी परीक्षा विभाग के ओएसडी डॉ. इंद्रनील मंडल को सौंपी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is Twister !!