JHAHIN/2014/58773

एआई जमशेदपुर हब’ की हुई लॉन्चिंग, एसएसपी समेत कई अधिकारी हुए शामिल; हर्षवर्धन का लक्ष्य पूरे झारखंड के युवाओं को एआई से जोड़ना

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जमशेदपुर। शहर की गलियों से निकलकर एक 19 वर्षीय युवा ने ऐसा सपना देखा है, जिसे वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से नई उड़ान देने में जुटा है। अपनी प्रतिभा, सोच और तकनीक के प्रति जुनून के दम पर हर्षवर्धन शर्मा ने कम उम्र में ही एआई के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनका उद्देश्य सिर्फ खुद आगे बढ़ना नहीं, बल्कि शहर और झारखंड के युवाओं को भी भविष्य की आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।

हर्षवर्धन अपनी पांच सदस्यीय टीम के साथ जमशेदपुर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को एआई की ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और यदि सरकारी स्कूलों के बच्चों को अभी से इसकी जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाए तो वे भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर सकें, यही उनकी पहल का मुख्य उद्देश्य है।

इसी कड़ी में हर्षवर्धन शर्मा की पहल पर ‘एआई जमशेदपुर हब’ के लॉन्चिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के एसएसपी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं शहर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्राओं ने भी इसमें भाग लिया। आयोजित सेमिनार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता, संभावनाओं और भविष्य में इसके बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस मौके पर मुख्य अतिथि एसएसपी ने पुलिसिंग के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस व्यवस्था में भी एआई काफी उपयोगी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से पुलिस के कामकाज में तेजी और सहूलियत मिल रही है। अपराध नियंत्रण, जांच और विभिन्न तकनीकी कार्यों में एआई की भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकती है।

वहीं हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि आज के दौर में एआई के बिना आगे बढ़ना मुश्किल होता जा रहा है। चाहे नौकरी करनी हो, अपना व्यवसाय शुरू करना हो या किसी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना हो, हर जगह एआई की जरूरत महसूस की जा रही है। ऐसे में युवाओं को समय रहते इस तकनीक को सीखना और समझना होगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य एआई जमशेदपुर हब को केवल शहर तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इसे पूरे झारखंड में विस्तार देना है, ताकि राज्य के युवा आधुनिक तकनीक में दक्ष होकर रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथि ने एआई के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जितना फायदेमंद है, उसका गलत इस्तेमाल उतना ही नुकसानदायक भी हो सकता है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग किस उद्देश्य से और किस तरीके से करते हैं। एआई को जिस तरह का निर्देश दिया जाएगा, वह उसी के अनुसार काम करेगा। इसलिए जरूरी है कि युवा इसका इस्तेमाल सकारात्मक सोच और सही दिशा में करें।

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