रांची। झारखंड में पूरे एक दशक के इंतजार के बाद रविवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET-2026) आयोजित हुई । राज्य के 24 जिलों में 986 केंद्रों पर करीब 5 लाख 66 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दिया। पिछली बार यह परीक्षा 2016 में हुई थी, जिसके बाद से लाखों डिग्रीधारी युवा इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे।इस परीक्षा से करीब 39,000 सहायक आचार्य/शिक्षक पदों पर नियुक्ति का रास्ता खुलेगा। दो पालियों में परीक्षा का आयोजन किया गया। पहली पाली कक्षा 1 से 5 के लिए जबकि दूसरी पाली कक्षा 6 से 8 के लिए अभ्यर्थियों ने परीक्षाएं दी।सुरक्षा इंतजाम:के कड़े इंतजाम परीक्षा को कदाचार मुक्त कराने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे।सभी 986 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में BNSS की धारा 163 (पहले धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। यह सुबह 6:30 से शाम 7:30 बजे तक प्रभावी रही। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूरी तरह पाबंदी था। प्रत्येक केंद्र पर जैमर, CCTV और पुलिस बल तैनात किया गया था।2016 के बाद से JTET नहीं होने से 2017 से 2026 तक पास हुए लगभग 4 लाख प्रशिक्षित युवा पात्रता के अभाव में शिक्षक बहाली में शामिल नहीं हो पा रहे थे। JTET पास करना झारखंड में सरकारी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य योग्यता है। बिना इसके कोई भी अभ्यर्थी सहायक आचार्य भर्ती में आवेदन नहीं कर सकता है।अभ्यर्थियों के लिए रेलवे की सौगात:परीक्षा के कारण हो रही भीड़ को देखते हुए रेलवे ने टाटानगर-देवघर स्पेशल ट्रेन (08119/08120) चलाई है। यह ट्रेन 1 और 2 नवंबर को चलेगी ताकि दूर-दराज के छात्र आसानी से केंद्रों तक पहुंच सकें।जैक अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा का परिणाम दिसंबर के पहले सप्ताह में घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
10 साल बाद JTET परीक्षा में शामिल हुए 5.65 लाख अभ्यर्थी , 986 केंद्रों पर कड़ा पहरा













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