देश-विदेश के विद्वानों का महाजुटान: अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में जुटे प्रतिष्ठित शिक्षाविद और साहित्यकार।
दुमका। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के जन्मदिवस के पावन अवसर पर ‘वचन’ पत्रिका की ओर से रविवार को पगला बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस ऑनलाइन संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, साहित्यकारों, भाषाविदों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया और राज्यपाल के चार दशक लंबे बेदाग सार्वजनिक जीवन को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक मिसाल बताया।
मंगलाचरण और संस्मरणों से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखपुर विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी के मंगलाचरण एवं बधाई संदेश से हुआ। इसके बाद बरेली (सुभाष नगर) के नरेंद्र कुमार शुक्ल ने राज्यपाल के जन्मस्थान से जुड़े प्रेरक संस्मरण साझा किए। उत्तराखंड के विद्वान डॉ. बेचैन कंडियाल ने राज्यपाल के साथ बिताए समय को याद करते हुए उनकी सहजता और सरलता पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने बताया सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की अप्रतिम मिसाल
वेबिनार में प्रयागराज के प्रसिद्ध लेखक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने राज्यपाल के जीवन दर्शन को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं ‘माध्यम’ पत्रिका के संपादक प्रो. डॉ. राजेश कुमार गर्ग ने उनके समाजसेवी व्यक्तित्व की सराहना की। वहीं, बी.आर. सिंह पी.जी. कॉलेज सैदाबाद के प्राचार्य डॉ. इन्दु प्रकाश मिश्र ने सुंदर काव्य पाठ के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. डॉ. रामपाल गंगवार ने कहा, “आठ बार सांसद, केंद्रीय मंत्री और अब राज्यपाल के रूप में आपका लंबा संसदीय जीवन संवैधानिक मूल्यवत्ता, शुचिता, ईमानदारी और सादगी की अप्रतिम मिसाल है। आप हमारे अभिभावक हैं।“
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी ठाकुर श्याम सुंदर सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (भोपाल) के कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन नाथ शुक्ल ने राज्यपाल के बहुआयामी व्यक्तित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के डॉ. प्रकाश त्रिपाठी ने भी राज्यपाल को जन्मदिन की बधाई दी।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुमन सिंह (हिन्दुस्तान) और हिंदी विभाग के डॉ. हिमांशु सिंह ने कहा कि यह वेबिनार साहित्य, भाषा और अकादमिक विमर्श को एक साझा मंच देने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण पहल है।
सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का मुख्य संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ल ने किया। इस ऐतिहासिक वेबिनार में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित अंकित पांडेय, जितेंद्र कुमार साह, साधन मंडल, शोधार्थी, स्थानीय शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।













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