पूर्व मेदिनीपुर : पोटाशपुर के नैपुर शांति-सुधा इंस्टीट्यूशन के सभागार में शिक्षाविद् जितेंद्रनाथ पड़िया की जन्म शताब्दी के अवसर पर स्मारिका ‘ज्योतिर्मय जितेंद्रनाथ’ का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षक देवेंद्रनाथ माइति ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ शिक्षक सतीशचंद्र रथ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी चंडीप्रसाद रथ, चिकित्सक सूर्यकांत दास अधिकारी और वरिष्ठ शिक्षक विष्णुपद घोष उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा, विद्यालय के संस्थापक और प्रथम प्रधानाध्यापक के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद सभागार में जितेंद्रनाथ पड़िया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनके मंझले पुत्र अभिजीत पड़िया ने उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से स्मारिका ‘ज्योतिर्मय जितेंद्रनाथ’ का विमोचन किया। उपस्थित पूर्व सहकर्मियों, पूर्व विद्यार्थियों, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने जितेंद्रनाथ पड़िया के जीवन के विभिन्न पहलुओं को याद किया। वक्ताओं ने शिक्षा के प्रति उनके समर्पण, उदारता, दानशीलता और अन्य मानवीय गुणों की चर्चा करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का संचालन स्मारिका के संपादक एवं विद्यालय के सहायक शिक्षक विष्णुपद दास तथा शिक्षक विष्णुपद आचार्य ने किया। अध्यक्षीय संबोधन में देवेंद्रनाथ माइति ने पड़िया परिवार और स्मृति रक्षा कमेटी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षाविद् और दानशील व्यक्तित्व की स्मृति को संरक्षित करने का यह प्रयास अनुकरणीय है। विद्यालय प्रबंधन और आमंत्रित अतिथियों के प्रति आभार उनके छोटे पुत्र प्रसून कुमार पड़िया ने व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि जितेंद्रनाथ पड़िया की जन्म शताब्दी के अवसर पर वर्ष 2025-26 के दौरान विद्यार्थियों के बीच पाठ्य सामग्री वितरण, जरूरतमंद लोगों को वस्त्र वितरण, रक्तदान शिविर और उनकी स्मृति में 100 पौधों का रोपण सहित कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों के साथ मेदिनीपुर क्विज सेंटर सोशल वेलफेयर सोसाइटी का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा।













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