कांग्रेस ने कहा, देश में वोट का अधिकार छीनने और उसे बचाने वालों के बीच चल रही है वैचारिक लड़ाई
दुमका। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को दुमका जिला कांग्रेस भवन में आयोजित एक अहम प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर इस प्रक्रिया के राजनीतिक दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। पोड़ैयाहाट से विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए एसआईआर पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मतदाता सूची दुरुस्त करने की प्रक्रिया के विरोध में नहीं है, बल्कि इसके जरिए जनता के मतदान के अधिकार को कमजोर करने की कथित साजिश के सख्त खिलाफ है।
देश में चल रही हैं दो विचारधाराएं
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि आज देश मुख्य रूप से दो धाराओं में बंट गया है। एक धारा वह है जो जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों और उनके वोट देने के अधिकार को छीनना चाहती है, जबकि दूसरी धारा इस मौलिक अधिकार को बचाने की पुरजोर लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार ही हमारे लोकतंत्र की सबसे मजबूत बुनियाद है और इसे हर हाल में सुरक्षित रखना आवश्यक है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर चिंता
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में चुनावी व्यवस्था में बदलाव के प्रयास तेज हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए हालिया बदलावों पर सवाल उठाया। यादव ने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए बनी समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, लेकिन अब मुख्य न्यायाधीश की जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल कर लिया गया है। उनके अनुसार, यह कदम चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था की निष्पक्षता पर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
प्रदीप यादव ने चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण वाले नए प्रावधानों की भी कड़ी आलोचना की। उनका आरोप था कि इस तरह के संरक्षण से अधिकारियों की जवाबदेही कमजोर होती है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि उनकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित हो। एसआईआर पर अपनी बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सिर्फ मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना होना चाहिए, न कि मतदान के अधिकार को प्रभावित करना।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव महेश राम चंद्रवंशी, दुमका जिलाध्यक्ष स्टीफन मरांडी, जिला उपाध्यक्ष मनोज अंबष्ट, अरविंद कुमार, महबूब आलम और विवेक मंडल मुख्य रूप से उपस्थित थे।














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