जमशेदपुर। प्रखंड के करनडीह रेलवे फाटक के पास पिछले कई वर्षों से बरसात के दिनों में होने वाले जलजमाव के कारण आम लोगों जीवन नर्क बन गया है। पिछले दिनों दक्षिण करनडीह और उत्तरी करनडीह पंचायत के ग्रामीणों ने सांसद विद्युत वरण महतो से मुलाकात कर उन्हें अपनी पीड़ा बताई थी। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने बुधवार को दोनों पंचायतों के प्रभावित इलाकों का स्थल निरीक्षण किया।
डीपीआर बनेगी, 1 करोड़ से बनेगी नाली

स्थल निरीक्षण के बाद सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि जलजमाव समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपायुक्त, रेलवे के जीएम और डीआरएम से फोन पर बात कर ली है। रेलवे और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से समस्या के समाधान के लिए डीपीआर तैयार कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ी नाली का निर्माण कराया जाएगा। प्रस्तावित नाली को सुंदरनगर कैनाल से जोड़ा जाएगा, ताकि पानी की निकासी व्यवस्थित तरीके से हो सके। डीपीआर तैयार होने और राशि स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। योजना पूरी होने पर करनडीह क्षेत्र के लोगों को सालों से चली आ रही जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
सांसद ने कहा कि परसुडीह से करनडीह चौक तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के दौरान सड़क के दोनों ओर नाली का निर्माण कराना बेहद जरूरी है। अगर सड़क के साथ जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में फिर से जलजमाव की समस्या खड़ी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर वे आरईओ विभाग के कार्यपालक अभियंता से मिलकर सड़क निर्माण योजना में दोनों ओर नाली निर्माण को शामिल करने की मांग करेंगे।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि डीपीआर बनने और प्रशासनिक प्रक्रिया में समय लगेगा। ऐसे में तत्काल नालियों की सफाई और अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि आने वाले पर्व-त्योहारों में लोगों को दूषित पानी से होकर न गुजरना पड़े। स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों के जाम होने के कारण घरों और फ्लैटों का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। बारिश में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। इससे सड़कें खराब हो रही हैं और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
वहीं पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदीप्तो डे ने सांसद की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में पहली बार ठोस कदम उठाया गया है।
स्थल निरीक्षण के दौरान जमशेदपुर प्रखंड के एई, जेई के अलावा *राणा डे, मानिक मल्लिक, ईश्वर सोरेन, मुखिया सरस्वती टुडू, शंकर, अभय चौबे* समेत दोनों पंचायतों के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।













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