झाड़ग्राम। सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का टिकट लेने और इनडोर भर्ती के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किए जाने का मामला अब तूल पकड़ लिया है। आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने वाले मरीजों को भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने राज्य सरकार से वैकल्पिक पहचान व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
इस संबंध में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को आवेदन भेजा है। आवेदन में कहा गया है कि मरीजों की पहचान सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन आधार कार्ड नहीं होने के कारण किसी जरूरतमंद मरीज को ओपीडी सेवा या अस्पताल में भर्ती होने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
मोर्चा ने आवेदन में झाड़ग्राम जिले की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा है कि जिले में बड़ी संख्या में गरीब, आदिवासी, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) तथा अन्य वंचित परिवार रहते हैं। इनमें कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनके पास अभी तक आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है। आवेदन में विशेष रूप से लोधा समुदाय के कुछ परिवारों को होने वाली परेशानियों का भी उल्लेख किया गया है।
संगठन ने मांग की है कि आधार कार्ड के अभाव में मरीजों को परेशान करने के बजाय अन्य वैध सरकारी पहचान-पत्रों अथवा प्रशासन द्वारा स्वीकृत किसी वैकल्पिक पहचान व्यवस्था को मान्यता दी जाए। इससे आधार कार्ड से वंचित मरीजों को भी सरकारी अस्पताल की चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। मोर्चा ने विशेष रूप से आपातकालीन एवं गंभीर मरीजों के मामले में आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि गंभीर हालत में पहुंचे मरीज को पहचान संबंधी औपचारिकताओं के कारण उपचार के लिए इंतजार करना पड़े, तो इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में मरीज की जान बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए झाड़ग्राम सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।













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