हिमांशु करण
बहरागोड़ा। सोमवार को बहरागोड़ा स्थित दादू कॉम्प्लेक्स में पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ की सांगठनिक बैठक ग्राम प्रधान भवतारण बट्टवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला महासचिव मृत्युंजय महतो ने जाति, धर्म, वर्ग और लिंग के भेदभाव से ऊपर उठकर ग्राम सभा को मजबूत करने और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की विरासत को संरक्षित करने पर बल दिया। वहीं, जिलाध्यक्ष अरुण बारिक ने पेसा नियमावली के क्रियान्वयन में अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्राम सभाओं के बैंक खाते नहीं खोले जा रहे हैं और दिवंगत ग्राम प्रधानों के स्थान पर रीति-रिवाज से चुने गए उनके उत्तराधिकारियों को आधिकारिक स्वीकृति देने में आनाकानी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेसा के नाम पर फर्जी ग्राम प्रधानों को बढ़ावा देकर गांवों में विवाद पैदा किया जा रहा है और बहरागोड़ा, गुड़ाबांधा, धालभूमगढ़, घाटशिला व डुमरिया प्रखंडों के मान्यता प्राप्त ग्राम प्रधानों को अब तक सरकारी परिचय पत्र व प्रमाण पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। अंत में सभी वक्ताओं ने किसी के बहकावे में न आते हुए आपसी भाईचारे को बनाए रखने और अपनी संस्कृति व स्वशासन व्यवस्था की मजबूती के लिए सभी ग्राम प्रधानों से एक मंच पर एकजुट होने का आह्वान किया।













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