विशिष्ट वक्ताओं ने एकता, अनुशासन, नेतृत्व और उत्कृष्टता पर दिया जोर
आदित्यपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सोमवार को नव प्रवेशित प्रथम वर्ष के 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन स्टूडेंट्स एक्टिविटी सेंटर (TSG बिल्डिंग) में किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से नए विद्यार्थियों का संस्थान में औपचारिक रूप से स्वागत किया गया तथा उन्हें संस्थान के शैक्षणिक वातावरण और विभिन्न अवसरों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों के आगमन, दीप प्रज्वलन, राष्ट्रगीत तथा अतिथियों के अभिनंदन के साथ हुई।
नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. अशोक कुमार, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) ने विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा एनआईटी जमशेदपुर में उपलब्ध विभिन्न अवसरों, सुविधाओं एवं विद्यार्थी जीवन से जुड़ी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। प्रो. एम. के. सिन्हा, डीन (एकेडमिक) ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, अध्ययन के अवसरों तथा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व से अवगत कराया।
विभागाध्यक्षों एवं विभिन्न फैकल्टी-इन-चार्ज ने भी विद्यार्थियों को अपने-अपने विभागों के शैक्षणिक कार्यक्रमों तथा संस्थान में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और सहयोग सेवाओं की जानकारी दी।
मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, वीएसएम ने एकता और राष्ट्रसेवा पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, वीएसएम ने अपने संबोधन में सशस्त्र बलों में एकता, अनुशासन, नेतृत्व और निःस्वार्थ सेवा की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के सैनिकों ने एक राष्ट्र के रूप में मिलकर युद्ध लड़ा, जो यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति धार्मिक सीमाओं से परे हैं।
उन्होंने सैन्य जीवन के सिद्धांत “Unlimited Liability” का उल्लेख करते हुए साहस, जिम्मेदारी तथा राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की तत्परता के महत्व को रेखांकित किया।
निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने उत्कृष्टता और नवाचार के लिए किया प्रेरित
निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें एनआईटी जमशेदपुर में उपलब्ध शैक्षणिक एवं शोध के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उत्कृष्टता, अनुशासन, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता की भावना के साथ आगे बढ़ने तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कर्नल आर. पी. सिंह ने अनुशासन और दृढ़ता का दिया संदेश
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कर्नल आर. पी. सिंह (सेवानिवृत्त) ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों को अनुशासित, केंद्रित और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया। अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सफलता प्राप्त करने तथा समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान देने में कड़ी मेहनत, चरित्र, जिम्मेदारी और दृढ़ता के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन स्टूडेंट्स काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ।













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