आदित्यपुर। पीआईबी, रांची कि ओर से शनिवार को आदित्यपुर स्थित एक होटल में मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के साथ-साथ राष्ट्रीय पोषण माह और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्रालय के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने कचरा प्रबंधन और जन-जागरूकता में मीडिया की भागीदारी को रेखांकित किया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन अत्यंत गंभीर और प्रासंगिक विषय है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन में मीडिया को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 में कई व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं, जिसके लिए बड़े संस्थागत ढांचे (इंस्टीट्यूशनल सेटअप) की जरूरत है।
डीसी नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि नए नियमों के तहत अब पंचायत स्तर को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “पंचायतों में प्लास्टिक सेग्रीगेशन यूनिट्स के लिए स्थल चिह्नित किए गए हैं तथा प्रखंड स्तर पर प्लास्टिक प्रबंधन इकाई तैयार की गई है। व्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य जारी है, जिसका धरातल पर प्रभाव दिखने में थोड़ा समय लगेगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्रों में घरेलू कचरे का प्रबंधन मुख्य चुनौती है, जिस पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा राजस्व व संसाधन सृजन पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि एक प्रभावी प्रबंधन योजना लागू की जा सके।
पीआईबी के अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि अप्रैल 2026 से लागू ये नए नियम 2016 के नियमों का स्थान लेते हैं और कचरा निस्तारण को वैज्ञानिक बनाते हैं। कार्यशाला में पद्मश्री छूटनी महतो, सीडीपीओ सुप्रिया कुमारी शर्मा, डीपीआरओ अविनाश कुमार सहित कई मीडियाकर्मी मौजूद रहे।
















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