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पंजाब: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में भारी बवाल, छात्रों ने नेशनल हाईवे किया जाम

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फगवाड़ा। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में रविवार सुबह छात्रों का भारी और हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद कथित आत्महत्या की अपुष्ट अफवाहें फैलने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र छात्रों ने न केवल विश्वविद्यालय परिसर के भीतर तोड़फोड़ की, बल्कि जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-14) को भी पूरी तरह जाम कर दिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बलात्कार या आत्महत्या जैसी किसी भी घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अफवाह फैलने के बाद भड़की हिंसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक संदेश तेजी से वायरल होने लगा। दावों में कहा गया कि परिसर में काम करने वाले एक बाहरी निर्माण श्रमिक ने एक छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया है, जिसके बाद पीड़ित छात्रा को घर भेज दिया गया और उसने आत्महत्या कर ली।

इस अपुष्ट खबर के फैलते ही रविवार तड़के करीब 1:45 बजे हजारों की संख्या में छात्र हॉस्टलों से बाहर निकल आए। इंसाफ की मांग को लेकर शुरू हुआ यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कुछ ही देर में हिंसक रूप ले बैठा।

परिसर में तोड़फोड़ और हाईवे पर लंबा जाम

आक्रोशित छात्रों ने एलपीयू परिसर के भीतर जमकर उत्पाद मचाया। उन्होंने खिड़कियों के शीशे, गमले और साइनबोर्ड तोड़ दिए, तथा कुछ वस्तुओं में आग भी लगा दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर आ गए और सड़क के दोनों ओर धरने पर बैठ गए। इसके चलते दिल्ली-अमृतसर रूट पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह चरमरा गया।

पुलिस का बयान: केवल अफवाह पर बढ़ा विवाद

घटना की गंभीरता को देखते हुए कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गौरव तूरा और भारी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा, “यौन उत्पीड़न या आत्महत्या से जुड़ी जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से अफवाह हैं। पुलिस को अब तक ऐसी कोई औपचारिक या लिखित शिकायत नहीं मिली है।”

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझा-बुझाकर और उनकी प्रशासनिक शिकायतों को सुनने का आश्वासन देकर सुबह तक हाईवे से जाम हटवाया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी सोशल मीडिया के इन दावों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत बताया है।

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