CRPF कैंप में राइफल की गूंज, सर्विस हथियार से गोली लगने से हवलदार की मौत, जांच में जुटे आलाधिकारी
रांची/लातेहार। झारखंड के सुरक्षा महकमे से रविवार को सुबह एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कैंप परिसर के भीतर एक हवलदार की अपनी ही सर्विस राइफल से गोली लगने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। गोली चलने की तेज आवाज सुनते ही बैरक और कैंप परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
सुबह-सुबह कैंप में गूंजी गोली की आवाज
यह दर्दनाक वाकया रविवार सुबह करीब 7:15 बजे का है। कैंप में तैनात हवलदार भुवनेश्वर पाल रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर थे, तभी अचानक उनकी सर्विस राइफल से गोली चल गई। गोली उनके शरीर के संवेदनशील हिस्से को पार कर गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब तक साथी जवान और कैंप के अधिकारी आवाज सुनकर घटना स्थल पर पहुंचे, तब तक भुवनेश्वर पाल की मौत हो चुकी थी।
मृतक जवान की हुई पहचान
घटना के शिकार हुए जांबाज हवलदार भुवनेश्वर पाल मूल रूप से झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल अंतर्गत हैदरनगर थाना क्षेत्र स्थित इमलियाटीकर गांव के रहने वाले थे। वह डालटनगंज के मूल निवासी थे और वर्तमान में सीआरपीएफ मुख्यालय (तिरिल कैंप) में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी इस आकस्मिक मृत्यु की खबर के बाद पलामू स्थित उनके पैतृक गांव में भी मातम पसर गया है।
हादसा या आत्महत्या? जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम
सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने अधिकारिक तौर पर जवान की गोली लगने से हुई मौत की पुष्टि की है। हालांकि, घटना के पीछे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और सुरक्षा बल के अधिकारी वर्तमान में घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और वास्तविकता का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक की विशेष टीम को भी बुला लिया गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा।













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