सरायकेला। सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित और अवैध पार्किंग के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर झारखंड हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है।

हाईकोर्ट के निर्देश के आलोक में सोमवार को राज्य के उद्योग सचिव अरवा राजकमल सरायकेला पहुंचे। उन्होंने परिसदन में उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी सहित जिले के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था व सड़क प्रबंधन की समीक्षा की।
मौके पर उद्योग सचिव ने कहा कि चालियामा सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर ट्रकों की अवैध पार्किंग से आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है और आए दिन गंभीर हादसे हो रहे हैं। उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए 18 महीने की समय-सीमा तय की है। प्रशासन ने इस दिशा में एक ठोस और समन्वित कार्ययोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
इस कार्ययोजना के तहत क्षेत्र के औद्योगिक विकास को सुव्यवस्थित करते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों के परिसर के भीतर भारी वाहनों के लिए अनिवार्य रुप से पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके साथ ही सड़कों के किनारे भी चिन्हित पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, जिससे मुख्य मार्गों पर वाहनों का जमावड़ा न लगे। राजनगर सहित प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और गुणवत्ता सुधार के लिए पथ निर्माण विभाग से समन्वय किया जा रहा है। आपात स्थिति में घायलों के त्वरित उपचार हेतु एंबुलेंस की तैनाती और ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से योजना बनाई जा रही है। उद्योग सचिव ने स्पष्ट किया कि धरातलीय निरीक्षण के बाद पूरी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से पेश की जाएगी।
















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