नई दिल्ली। आदिवासी जन परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्यसभा सांसद संजय सिंह से मुलाकात की। परिषद के सदस्यों ने भारत की जनगणना 2027 के लिए प्रस्तावित जनगणना प्रपत्र में धर्म के कॉलम में ‘आदिवासी धर्म’ का अलग विकल्प शामिल करने की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से आग्रह किया कि वे देश के करोड़ों आदिवासियों की धार्मिक पहचान, पारंपरिक आस्था एवं सांस्कृतिक विशिष्टता से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संसद में उठाएं, ताकि आदिवासी समाज की आवाज देश की संसद तक पहुंच सके। आदिवासी समाज की अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराएं, प्रकृति आधारित आस्था, पूजा-पद्धति और सांस्कृतिक मान्यताएं हैं। इसलिए जनगणना प्रपत्र में ‘आदिवासी धर्म’ के लिए अलग विकल्प उपलब्ध कराने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इससे आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान को जनगणना में दर्ज करने की मांग को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि सांसद श्री संजय सिंह इस विषय की गंभीरता को समझते हुए संसद में आदिवासी समाज की मांग को उठाएंगे और केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से प्रेम शाही मुण्डा, विष्णु मुण्डा और आशुतोष चेरो शामल थे।















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