झाड़ग्राम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर झाड़ग्राम जिले में सौ शाखाएं स्थापित करने के लक्ष्य के साथ चलाए जा रहे ‘मेरा गांव, मेरा शाखा’ अभियान के छठे चरण का नगर समापन कार्यक्रम शनिवार सुबह हिंदू मिशन मैदान में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में युवा , बाल और शिशु स्वयंसेवकों सहित कुल 140 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने शारीरिक अभ्यास, आसन, एकल गीत, प्रार्थना और बौद्धिक सत्र में हिस्सा लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झाड़ग्राम जिला कार्यवाहक सुमन सिन्हा उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य शिक्षक की जिम्मेदारी रतन पोद्दार ने निभाई। जिला प्रचारक तन्मय भुइयां ने शारीरिक गतिविधियों का संचालन किया, जबकि पल्लव जी ने आसन का अभ्यास कराया। नगर कार्यवाहक सुब्रत मिश्र ने एकल गीत प्रस्तुत किया। मृणालकांति खिलाड़ी ने अमृत वचन का पाठ किया, जबकि सुभाषित और प्रार्थना समीर नायक ने कराई।
कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में डॉ. केशव चंद्र गोप ने विचार रखे। वे सेवा भारती महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में प्राध्यापक, क्रीड़ा भारती के दक्षिण बंगाल प्रांत के सह-संपादक तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की झाड़ग्राम जिला इकाई के संपादक हैं। अपने संबोधन में डॉ. गोप ने संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व, शाखा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, सामाजिक एकता और समाज के प्रति स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘मेरा गांव, मेरा शाखा’ अभियान के जरिए स्थानीय समाज से जुड़ाव मजबूत करने, युवाओं को संगठित करने और सेवा कार्यों के माध्यम से सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया।
झाड़ग्राम जिले में 100 शाखाएं स्थापित करने के लक्ष्य के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में नियमित शाखाओं की भूमिका और संगठनात्मक विस्तार पर जोर दिया गया। महालया के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ।















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