जमशेदपुर। देशभर में आज(रविवार) से शक्ति की उपासना का पावन महापर्व शारदीय नवरात्रि अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ शुरू हो गया है. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को देश के कोने-कोने में श्रद्धालुओं ने अपने घरों और पूजा पंडालों में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना (घटस्थापना) की। इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले इस व्रत और साधना का अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है।
हाथी पर सवार होकर आईं मां दुर्गा, बना दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार से होने के कारण माता रानी का वाहन हाथी है। शास्त्रों में मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बेहद शुभ और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा, इस बार ग्रहों के कई दुर्लभ महासंयोग भी बन रहे हैं, जिससे इस नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है. प्रतिपदा के शुभ मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त) में भक्तों ने माता शैलपुत्री का आह्वान कर अखंड ज्योति प्रज्वलित की.
प्रमुख शक्तिपीठों और मंदिरों में तड़के से लगीं कतारें
नवरात्रि के पहले दिन देश के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. जम्मू के ऐतिहासिक माता वैष्णो देवी मंदिर (कटरा) में शनिवार देर रात से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। पूरे मंदिर मार्ग को आकर्षक रोशनी और विदेशी फूलों से सजाया गया है। इसके साथ ही वाराणसी के मां शैलपुत्री मंदिर, मिर्जापुर के विंध्याचल धाम और दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में सुबह की ‘मंगला आरती’ के बाद से ही जय माता दी के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालु हाथों में नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर माता के दर्शन के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।
नौ दिनों तक होगी नवदुर्गा की पूजा
नवरात्रि के इस पावन उत्सव के दौरान माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना के बाद, कल यानी दूसरे दिन श्रद्धालु मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा-अर्चना करेंगे। सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रमुख पूजा पंडालों और मंदिरों में पुलिस बल की तैनाती की गई है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।













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