झाड़ग्राम। रीब सौ साल पुरानी विंटेज कार से विश्व भ्रमण पर निकले यूनाइटेड किंगडम के लंदन निवासी दो पर्यटक रॉबर्ट जॉन विल्किन्सन और जॉन रीस वॉल्टन रविवार को झाड़ग्राम पहुंचे। यहां उन्होंने पियालगेड़िया गांव का भ्रमण कर आदिवासी संस्कृति, ग्रामीण परंपराओं और स्थानीय लोगों की जीवनशैली को करीब से देखा। गांव में पारंपरिक तरीके से हुए स्वागत और ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार ने दोनों विदेशी मेहमानों को खासा प्रभावित किया।
जानकारी के अनुसार, विश्व भ्रमण के अभियान पर निकले दोनों ब्रिटिश नागरिक अपनी छह सिलेंडर वाली लगभग एक शताब्दी पुरानी विंटेज कार से विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं। सितंबर में नेपाल का दौरा करने के बाद वे ब्रिटेन लौटे थे। वहां से दो दिन पहले कोलकाता पहुंचे और रविवार को अपनी आगे की यात्रा पर निकल पड़े। उनका अगला पड़ाव जमशेदपुर है, जबकि यात्रा दिल्ली में समाप्त होगी। झाड़ग्राम में उनके भ्रमण की व्यवस्था झाड़ग्राम टूरिज्म के संस्थापक सुमित दत्ता ने की। लोधासुली से पर्यटकों का स्वागत कर उन्हें पियालगेड़िया गांव ले जाया गया। गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों ने सड़क के दोनों ओर जुटकर गाजे-बाजे के साथ उनका अभिनंदन किया। विदेशी पर्यटकों के साथ उनकी पुरानी और आकर्षक कार को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने कार के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जबकि पर्यटकों ने भी लोगों से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।
गांव के भ्रमण के दौरान दोनों पर्यटकों ने घरों की बनावट, दीवारों पर बनी पारंपरिक रंगाई, पालतू पशुओं, स्थानीय वाद्ययंत्रों और आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को देखा। ग्रामीणों ने अतिथियों को दूध वाली चाय और बिस्कुट परोसकर स्वागत किया। गांव के सहज वातावरण और लोगों के आत्मीय व्यवहार से दोनों काफी प्रभावित दिखे। इस दौरान उनके साथ टूर मैनेजर डैनियल मार्क सेक्वेरा भी मौजूद थे।
ब्रिटिश पर्यटकों ने भारतीय लोगों के व्यवहार और मेहमाननवाजी की सराहना करते हुए कहा कि यहां उन्हें जिस तरह का अपनापन मिला, वह उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने भविष्य में भारत आने का अवसर मिलने पर झाड़ग्राम दोबारा आने की इच्छा भी जताई।
झाड़ग्राम टूरिज्म के संस्थापक सुमित दत्ता ने कहा कि विदेशी पर्यटकों का यहां पहुंचना क्षेत्र के पर्यटन विकास की दृष्टि से उत्साहजनक है। झाड़ग्राम की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराएं और ग्रामीण विरासत पर्यटकों को आकर्षित करने की व्यापक क्षमता रखती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के दौरों से झाड़ग्राम को देश-विदेश में नई पहचान मिलेगी और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सौ साल पुरानी कार से विश्व भ्रमण, झाड़ग्राम की संस्कृति ने जीता ब्रिटिश पर्यटकों का दिल















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