JHAHIN/2014/58773

बंगाल में सियासी घमासान: TMC का नाम-चिह्न फ्रीज, समर्थन के चंद घंटों बाद कांग्रेस उम्मीदवार गिरफ्तार

Spread the love

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में अभूतपूर्व भूचाल आ गया है। चुनाव आयोग की कार्रवाई पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तीखे हमले किए और नंदीग्राम सीट पर एक चौंकाने वाले पुलिस एक्शन ने बंगाल के सियासी ड्रामे को चरम पर पहुंचा दिया है।

TMC के दो टुकड़े: ममता को ‘फुटबॉल’ तो बागियों को मिला ‘लिफाफा’

पार्टी में अंदरूनी फूट और नियंत्रण की जंग के बीच चुनाव आयोग ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और उसके पारंपरिक ‘जोड़ा फूल’ (घास और फूल) चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज कर दिया है।

आयोग ने शुक्रवार को दोनों गुटों के लिए नए नाम और अंतरिम चुनाव चिह्न आवंटित किए। जहां ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के नाम से जानी जाएगी और इनका नया चुनाव चिह्न ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ होगा। वहीं बागी गुट का नाम ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और चुनाव चिह्न ‘लिफाफा’ दिया गया है।

“वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी – राहुल गांधी

चुनाव आयोग के इस फैसले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि “वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी। ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है और विपक्ष को तोड़ने वाली ताकतों की मदद कर रहा है।

ममता के समर्थन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार
इस सियासी उठापटक के बीच सबसे बड़ा हाई-वोल्टेज ड्रामा नंदीग्राम विधानसभा सीट पर देखने को मिला। दरअसल, चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके तुरंत बाद ममता बनर्जी ने बड़ा दांव खेलते हुए  इंडी गठबंधन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान कर दिया।

लेकिन इस घोषणा के चंद घंटों के भीतर ही बंगाल पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिलन प्रधान को वर्ष 2007 के प्रसिद्ध नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े एक पुराने आपराधिक मामले/वारंट के सिलसिले में पकड़ा गया है। 

विपक्ष का पलटवार
इस गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस और ममता बनर्जी गुट, दोनों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इसे राजनीति से प्रेरित गिरफ्तारी करार देते हुए कहा कि भाजपा विपक्ष विहीन चुनाव चाहती है और तानाशाही पर उतारू है। इस नाटकीय घटनाक्रम ने 6 अक्टूबर के उपचुनाव को देश की सबसे दिलचस्प राजनीतिक जंग में तब्दील कर दिया है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *