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निठारी कांड से बरी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत: हरिद्वार में चाय के खोखे पर फंदे से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

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हरिद्वार।  देश के सबसे सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाले ‘निठारी सीरियल किलिंग’ मामले के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार (18 सितंबर 2026) को हरिद्वार में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कोली का शव उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में स्थित एक चाय की दुकान में फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया। यह घटना उसकी जेल से रिहाई और अदालती बरी होने के महज एक साल के भीतर सामने आई है।  

नाम बदलकर चला रहा था चाय की दुकान
पुलिस जांच में सामने आया है कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतिम मामले में भी बरी किए जाने के बाद, सुरेंद्र कोली समाज की मुख्यधारा में लौटने की कोशिश कर रहा था। वह पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और उसने महज तीन दिन पहले ही भूपतवाला में लाल माता मंदिर के पास एक चाय का खोखा किराए पर लिया था। दुकान के मालिक धर्मेंद्र कौशिक के अनुसार, कोली ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को ‘सदाराम’ बताया था। वह शुगर (मधुमेह) का मरीज था और काफी परेशान रहता था।

डिप्रेशन और तंगी बनी वजह?
मकान मालिक और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आत्महत्या से एक दिन पहले गुरुवार शाम को कोली गहरे डिप्रेशन (तनाव) में दिख रहा था। उसने बताया था कि उसके परिवार में किसी बच्चे का जन्मदिन है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। इस पर दुकान मालिक ने उसे 2,000 रुपये की आर्थिक मदद भी दी थी। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव के पास मिले सामान की तलाशी ली, जिसमें मौजूद आधार कार्ड से उसकी असली पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।  

क्या था निठारी कांड और कानूनी सफर?
साल 2006 में नोएडा के सेक्टर-31 में स्थित व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी (D-5) के पीछे बने नाले से बच्चों और युवतियों के नरकंकाल व हड्डियां मिलने के बाद निठारी कांड का खुलासा हुआ था। पंढेर के नौकर सुरेंद्र कोली पर बलात्कार, हत्या और साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसमें उसे निचली अदालतों द्वारा 12 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, पुख्ता सबूतों के अभाव और स्वैच्छिक कबूलनामे न होने के कारण अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे 12 मामलों में तथा नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में पूरी तरह बरी कर दिया था।  

घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक (FSL) टीम ने मौके का मुआयना किया है। पुलिस ने कोली के परिजनों को सूचित कर दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की विस्तृत तफ्तीश शुरू कर दी है।

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