बोकारो। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक बड़ी कार्रवाई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की धनबाद एंटी करप्शन विंग ने बोकारो के कथारा क्षेत्र स्थित सीसीएल गोविंदपुर परियोजना में छापेमारी कर दो क्लर्कों को 18,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्लर्क अनिल कुमार और संजय कुमार के रूप में हुई है।
बिल पास करने के एवज में मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर परियोजना में कार्यरत एक स्थानीय ठेकेदार ने वित्तीय वर्ष के बकाए और सिक्योरिटी मनी की निकासी के लिए आवेदन किया था। इस फाइल को आगे बढ़ाने और बिल पास करने के एवज में दोनों क्लर्कों ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहता था, इसलिए उसने मामले की लिखित शिकायत धनबाद सीबीआई कार्यालय में दर्ज करा दी।
सीबीआई का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद सीबीआई की टीम ने त्वरित योजना बनाई। योजना के मुताबिक, जैसे ही ठेकेदार ने गोविंदपुर परियोजना कार्यालय में दोनों क्लर्कों को केमिकल लगे नोटों के रूप में 18,000 रुपये की पहली किस्त सौंपी, पहले से जाल बिछाकर तैयार बैठी सीबीआई टीम ने उन्हें दबोच लिया। हाथ धुलवाने पर उनके हाथों का रंग लाल हो गया, जिससे घूस लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई।
दस्तावेजों की जांच और हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने कार्यालय के कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस अचानक हुई छापेमारी और गिरफ्तारी से पूरे सीसीएल कथारा क्षेत्र और बोकारो के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को धनबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।













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