धनबाद। झारखंड के प्रमुख कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बार फिर डरा देने वाली खबर सामने आई है। कतरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीसीसीएल एरिया-3 के छाताबाद (खुशबू मोहल्ला और मस्जिद रोड) में जोरदार धमाके के साथ भीषण भू-धंसान हुआ है। इस अचानक हुए हादसे में देखते ही देखते आधा दर्जन (6) पक्के मकान पूरी तरह से पाताल में समा गए, जबकि 55 से अधिक घरों की दीवारों और फर्श पर डरावनी दरारें उभर आई हैं। इस प्राकृतिक और प्रशासनिक लापरवाही के गठजोड़ से पूरे इलाके के 500 से अधिक लोग बेघर होकर खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
अवैध खदानें और भूमिगत आग बनी वजह?
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को अचानक जमीन के नीचे से एक तेज गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी। लोग जब तक कुछ समझ पाते, खुशबू मोहल्ले से लेकर मस्जिद रोड तक की सड़कें और जमीन 10 फीट तक नीचे धंसने लगी। इस घटना में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला, सायरा खातून, गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनके पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। जानकारों का कहना है कि यह पूरा बेल्ट पुराने और बंद पड़े अवैध खनन क्षेत्रों के खोखलेपन और भूमिगत कोयला आग के कारण बेहद संवेदनशील हो चुका है।
सामुदायिक भवन भी आया चपेट में, लोगों का प्रदर्शन
हैरानी की बात यह है कि इस आपदा की गाज उस स्थानीय सामुदायिक भवन पर भी गिरी है, जहां पिछली भू-धंसान की घटनाओं से बेघर हुए लोग अस्थायी तौर पर शरण लिए हुए थे। भवन की दीवारें फटने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कतरास-भटमुरना मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की।
प्रशासनिक मुस्तैदी और IIT (ISM) की टीम करेगी सर्वे
मामला बढ़ता देख जिला प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) के अधिकारी राहत सामग्री के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को नजदीकी सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट कराया। पूरे इलाके की भौगोलिक स्थिरता की जांच करने के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT (ISM) धनबाद की विशेषज्ञ टीम को बुलाया जा रहा है, ताकि जमीन के नीचे हो रही हलचल का वैज्ञानिक आकलन किया जा सके।















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