आदित्यपुर। कोल्हान सह टायो मजदूर यूनियन के अध्यक्ष व पूर्व विधायक अरविंद सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर खरकई पुल से एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसमें सैकड़ों मजदूरों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। इसके उपरांत गम्हरिया स्थित घोड़ा बाबा मंदिर परिसर में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया।
उद्योग मजबूत हों, पर श्रम का सम्मान भी जरूरी
जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी उद्योग या प्रबंधन के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, “यह उन लाखों श्रमिकों की आवाज है जिनके पसीने से उद्योग फलते-फूलते हैं। हमारा स्पष्ट संकल्प है—उद्योग मजबूत हों, मजदूर सुरक्षित हों और श्रम का सम्मान हो।”
12 घंटे की शिफ्ट और अमानवीय कार्यदशाओं पर कड़ा प्रहार
मजदूरों और समाज की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए अरविंद सिंह ने कहा कि श्रमिक आज दोराहे पर खड़े होकर एक-एक पैसे के मोहताज हैं। पहले जहां 8 घंटे की तीन शिफ्टें चलती थीं, वहीं अब प्रबंधन ने एक शिफ्ट खत्म कर इसे 12 घंटे में तब्दील कर दिया है।
उन्होंने 20-25 फैक्ट्रियों के सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि नीमडीह, बलरामपुर, गोविंदपुर, मानगो और खरसावां जैसे दूर-दराज के इलाकों से मजदूर मात्र 12 से 15 हजार रुपये के वेतन पर आते हैं। 10 से 12 घंटे की इस कड़ी ड्यूटी के दौरान कार्यस्थलों पर मजदूरों के बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं होती, उन्हें लगातार खड़े रहकर काम करना पड़ता है। समाज की निष्क्रियता पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनाएं खत्म हो रही हैं और लोग हादसों पर केवल मूकदर्शक बने रहते हैं।
मजदूर नेताओं ने किया संबोधित
इस जनसभा को मजदूर नेता शैलेश पाण्डेय, केशव मिश्र, शशी मिश्र, ओम प्रकाश मिश्रा और अजय कुमार शर्मा ने भी संबोधित कर श्रमिकों की एकजुटता पर बल दिया। पूरे कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन कुमार बसंत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जवाहर लाल महाली द्वारा संपन्न हुआ।














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