श्रीनगर/जम्मू। जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा के लिहाज से दो बेहद गंभीर और बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां सुरक्षा बलों ने घाटी में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है, वहीं दूसरी ओर कठुआ जिले से आपसी गोलीबारी की एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे सुरक्षा तंत्र को झकझोर कर रख दिया है।
यूसमर्ग एनकाउंटर: सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल यूसमर्ग के पास सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में एक अज्ञात आतंकवादी को मार गिराया गया है।
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को यूसमर्ग के जंगली और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में कुछ संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने मिलकर एक संयुक्त तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया। जैसे ही सुरक्षा बल संदिग्ध इलाके की ओर बढ़े, वहां छिपे हुए आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया। मारे गए आतंकी के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया है और अन्य संभावित आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
कठुआ त्रासदी: CISF जवान की अंधाधुंध फायरिंग में 4 सहकर्मियों की मौत
इसी बीच, जम्मू संभाग के कठुआ जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक जवान ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही साथियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस दुखद और अचानक हुई गोलीबारी में CISF के 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना कठुआ के एक सुरक्षा कैंप में हुई, जहां जवान तैनात थे। आरोपी जवान ने अचानक अपनी सर्विस राइफल निकाली और अपने ही सहकर्मियों पर तान दी। जब तक कोई कुछ समझ पाता या उसे रोकने की कोशिश करता, तब तक उसने कई राउंड फायरिंग कर दी थी। इस घटना के बाद कैंप में हड़कंप मच गया और आरोपी जवान को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के पीछे की असली वजह—क्या यह अत्यधिक मानसिक तनाव का मामला था या जवानों के बीच कोई आपसी विवाद—इसका पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर
इन दोनों घटनाओं के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों और सुरक्षा कैंपों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा बलों के उच्च अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।















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